
हनुमानगढ़। जिले में तेजी से पांव पसार रहा नशा युवाओं को खोखला कर रहा है। मुख्य रूप से जिले में स्मैक,चिट्टे का प्रचलन बढ़ रहा है। इसका लगातार सेवन युवाओं को मौत के मुंह में धकेल रहा है। कुछ दिनों के अन्तराल में नशे से मौत के समाचार सुनने को मिल रहे हैं। सरकार-प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद नशे पर लगाम कसती नजर नहीं आ रही। नशा किस अदर अपनी जड़ें पसार रहा है इसका उदाहरण टाउन के महात्मा गांधी स्मृति राजकीय जिला चिकित्सालय में रोजाना पहुंच रहे हर तीसरे मानसिक रोगी के नशे का आदी होना है। राजकीय जिला चिकित्सालय के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. भानसिंह गोदारा ने बताया कि जिला चिकित्सालय में रोजाना 150 से 200 मानसिक (साइकेट्रिक) रोगी आते हैं। इसमें अूममन देखने को मिलता है कि हर तीसरा मरीज किसी न किसी नशे का आदी है। यानि करीब 50 से 60 मरीज नशे के आदी मिलते हैं। वर्तमान में मुख्यय रूप से स्मैक, चिट्टा का प्रचलन है। शुरुआत में युवा वर्ग के लोग जाने-अनजाने में आनंद के लिए नशा लेते हैं। लेकिन कुछ समय बाद ही वे इसके आदी हो जाते हैं। जब वे नशा छोडऩे की कोशिश करते हैं तो उन्हें शारीरिक व मानसिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसमें हाथ-पैर दर्द करना, नींद नहीं आना आदि शामिल है। इसके बाद मरीज उन तकलीफों को दूर करने के लिए दोबारा नशा करने लग जाता है। इस प्रकार नशे की प्रवृति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जाती है। 18 से 25 वर्ष की युवा पीढ़ी विशेषकर दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले वर्ग के युवा नशे के आदी हो रहे हैं। हाल-फिलहाल इनकी संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
