
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ में 47वें राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस के मौके पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मौके पर एपीआरओ राजपाल लंबोरिया ने बताया कि मीडिया जनसंपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बिना मीडिया के जनसंपर्क की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल, 1968 में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस की शुरुआत हुई। इस दिन सभी जनसंपर्क कर्मियों, विभिन्न संस्थाओं द्वारा कार्यक्रमों, पुरस्कार समारोह, संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र कुमार सामरिया ने बताया कि इस संगोष्ठी के मौके पर सूचना केंद्र के डेवलपमेंट और पत्रकारों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति वर्ष पुरस्कारों के विचार को मूर्त रूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस मौके पर सभी पत्रकारों को जनसंपर्क दिवस की शुभकामनाएं भी दी।
वरिष्ठ पत्रकार मनोज गोयल ने जनसंपर्क दिवस पर पत्रकारों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कारों की अभिनव पहल का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया के साथ ही ग्रामीण पत्रकारिता से जुड़े पत्रकार, प्रेस फोटोग्राफर, महिला पत्रकारों की भी अहम भूमिका रहती है। इसलिए पुरस्कारों की कैटेगरी को बढ़ाते हुए सक्रिय पत्रकारों को प्रोत्साहित किया जाना जरूरी है। वरिष्ठ पत्रकार राकेश सहारण ने सूचना केंद्र में पुस्तकालय विकसित करने के सुझाव को प्रमुखता से रखा, उन्होंने कहा कि किताबें समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगी।
वरिष्ठ पत्रकार कपिल शर्मा ने बताया कि तनाव ग्रस्त कार्यों में मनोरंजन के साथ हेल्थ पर ध्यान दिया जाना भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने सूचना केंद्र के हॉल में इंडोर खेल शुरू करने का सुझाव दिया। वरिष्ठ पत्रकार अदरीश खान ने इस मौके पर गजल सुनाई। पत्रकार कुलदीप शर्मा ने पुस्तकालय, इंडोर खेल और पुरस्कारों की घोषणा जैसी अभिनव पहल का स्वागत किया। पत्रकार गुरुदेव सैनी ने सूचना केंद्र में बनने वाले पुस्तकालय के लिए 5 हजार कीमत की पुस्तकें भेंट करने की बात कही। संगोष्ठी में पत्रकार जुगल किशोर, राकेश कुमार, चंद्रपाल, पवन खत्री मौजूद रहे।
