
हनुमानगढ़। आज विश्व पुस्तक दिवस है। खास बात यह है कि इस डिजिटल दुनिया में भी लोग किताबों का रुख कर रहे हैं। बात करें जंक्शन स्थित जिला सार्वजनिक पुस्तकालय की तो यहां पर 15 हजार से अधिक किताबों को सहेजा गया है। इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ 370 एडमिशन भी हुए हैं। जबकि, इससे पहले 150 के पास एडमिशन थे।
पुस्तकालय प्रभारी के अनुसार इन दिनों बच्चे किताबों से जुड़ने के लिए अलग से समय भी निकाल रहे हैं। दरअसल पिछले 4-5 वर्षों के आंकड़े देखें तो लोगों की किताबें पढ़ने की आदत कम होती जा रही है। पहले लोग किताबों से ज्ञान ढूंढने के लिए पुस्तकालयों का रुख करते थे और वहां पर भी अच्छी-अच्छी किताबें उपलब्ध होती थीं। लेकिन बीते वर्षों में किताबों के प्रति रुझान कम हुआ था। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। डिजिटल लाइब्रेरी कांसेप्ट के चलते युवा अब पीडीएफ, ई बुक का भी अलग से सब्सक्रिप्शन ले रहे हैं। ऐसे में जिला पुस्तकालय द्वारा बच्चों की डिमांड के अनुसार किताबें भी मंगवाई जा रही हैं।
बता दें कि प्रबंधन द्वारा हाल ही में करीब 1 लाख की लागत से नई पुस्तकों को भी शामिल किया गया है। अब पुस्तकालय में करीब 15 हजार से अधिक किताबें शामिल हो गई हैं। इसके साथ साथ आईएएस और आरएएस की तैयारी करने वालों के लिए नया साहित्य, ऑनलाइन एग्जाम की प्रैक्टिस करने वालों के लिए 3 कंप्यूटर भी रखवाए गए हैं। नोट्स आदि निकलने के लिए प्रिंटर की सुविधा भी दी गई हैं। 40 से अधिक सीटों का इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही व्याख्यान आदि के जरिए बोलने की कला सिखाई जाती है ताकि इंटरव्यू से पहले अभ्यर्थियों में आत्मविश्वास जगाया जा सके।
किताबों से जुड़ाव जरूरी, पाठकों की संख्या बढ़ी- पुस्तकालय अध्यक्ष किताबें मनुष्य को मनुष्य बनाती हैं। किताबें हममें हमारे होने का एक अर्थ देती हैं। इस डिजिटल युग में भी बच्चे अब लाइब्रेरी का रुख करने लगे हैं। पाठकों और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों से पूछकर नया साहित्य भी मंगवाया जा रहा है ताकि सभी अपडेट रहें। हमने जिला पुस्तकालय को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया गया है। नई किताबों के साथ नए संसाधन भी उपलब्ध करवाए गए हैं। अंकिता यादव, पुस्तकालय अध्यक्ष।
