हनुमानगढ़। अबोहर बाईपास स्थित जलदाय विभाग के वाटर वर्क्स में बन रहे स्टोरेज टैंक में घटिया निर्माण सामग्री लगाई जा रही है। इस खुलासा सोमवार को हुआ। दरअसल, एक शिकायत को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप यहां स्टोरेज टैंक का निर्माणकार्य देखने आए थे। यहां आकर जब देखा कि निम्न गुणवत्ता की ईंटों का इस्तेमाल हो रहा है तो बिफर गए। सूचना पाकर जब जलदाय विभाग के अधिकारी पहुंचें और निर्माणकार्य रुकवाकर हाल ही में बनाई जा रही नवनिर्मित दीवार को भी तुड़वा दिया।

दरअसल, इस स्टोरेज टैंक का निर्माणकार्य मेडिकल कॉलेज को पेयजल सप्लाई देने के लिए किया जा रहा है। इसका निर्माणकार्य पिछले 1 हफ्ते से बंद था। सोमवार को ही ठेकेदार ने मिस्त्री मजदूर लगाकर कार्य फिर से शुरू किया था। पूर्व मंत्री के पहुंचने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो साइट पर पीएचईडी के अधिकारी पहुंच गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने भी निर्माणकार्य में इस्तेमाल हो रही घटिया सामग्री के इस्तेमाल को स्वीकारा। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने आनन फानन में निर्माण कार्य तुड़वाया और इन घटिया ईंटों को मौके से हटवाने के निर्देश देते हुए एईएन व जेईएन को पाबंद किया।
ठेकेदार द्वारा घटिया ईंटों का इस्तेमाल किया गया, पाबंद किया है- एक्सईएन ^हमें सूचना मिली कि निर्माण कार्य में घटिया ईंटें इस्तेमाल की जा रही हैं। इस पर हम साइट पर गए। ठेकेदार द्वारा जो ईंटें लगाई जा रही थी वे घटिया क्वालिटी की थी। इसपर एक्शन लेते हुए मौके से सभी घटिया ईंटें और निर्माण सामग्री हटवा दी गई। हाल ही में बनी दीवार को भी तुड़वा दिया गया है। हमने ठेकेदार को पाबंद किया है। सही क्वालिटी की ईंटें आने के बाद कार्य फिर से शुरू करवाया जाएगा। एईएन और जेईएन को भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। जितेंद्र झांब, एक्सईएन, पीएचईडी। 4.70 करोड़ रुपए के बजट में पाइपलाइन सहित पंप हाउस, पाइपलाइन, आरजीएफ फिल्टर, पंपिंग मशीनरी का कार्य किया जाना है। जलदाय विभाग के वाटर वर्क्स में बन रहे इस स्टोरेज के जरिए मेडिकल कॉलेज को सीधे ही पेयजल सप्लाई का कनेक्शन दिया जाना है। इस टैंक से मेडिकल कॉलेज को रोजाना 5 लाख लीटर पानी भेजा जाएगा। पीएचईडी द्वारा स्टोरेज टैंक 30 दिनों की स्टोरेज क्षमता के साथ बनाया जा रहा है।

विभागीय जानकारी के अनुसार इस स्टोरेज टैंक का निर्माण मई माह में संपन्न किया जाना है। हालांकि, इस टैंक का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण भी कर लिया गया है। वर्तमान में इसकी चारदिवारी की जा रही थी। स्टोरेज टैंक को लेकर ठेकेदार के साथ साथ पीएचईडी के अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो समय समय पर कार्य की मॉनिटरिंग हो रही थी। लेकिन, मामला खुला तब अधिकारियों ने घटिया क्वालिटी की ईंटें लगना भी स्वीकारा है। ख़ास बात यह है कि अगर मॉनिटरिंग हो रही थी तो ऐसी निर्माण सामग्री कैसे लग रही थी। बड़ा सवाल यह है कि अब इसकी क्या गारंटी है कि करोड़ों रुपए से बन रहे इस प्रोजेक्ट में जो निर्माण सामग्री लगाई जा चुकी है, वह तय मानकों के अनुसार थी। क्योंकि, अब इस कार्य की गुणवत्ता जांच करना भी संभव नहीं है। क्योंकि, इस टैंक का निर्माण कार्य 60 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है। हनुमानगढ़। जंक्शन अबोहर बाईपास स्थित जलदाय परिसर में बन रहे स्टोरेज टैंक में लगाई सामग्री का जायजा लेने पहुंचे पूर्व मंत्री।
