हनुमानगढ़। जिला कलेक्टर कानाराम ने मंगलवार को जंक्शन और टाउन अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गेहूं व सरसों खरीद के लिए की गई व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान कृषि उपज मंडी समिति के सचिव सीएल वर्मा, जिला रसद अधिकारी सुनील घोड़ेला व भारतीय खाद्य निगम के अधिकारी साथ रहे।

कलेक्टर सबसे पहले जंक्शन अनाज मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने एफसीआई की ओर से किसानों से समर्थन मूल्य पर की जा रही गेहूं खरीद के बारे में जानकारी ली। किसानों के बैठने, छाया व पानी की व्यवस्था न मिलने पर मंडी समिति अधिकारियों को इसकी उचित तरीके से व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। इसके बाद क्रय-विक्रय सहकारी समिति की ओर से बनाए गए सरसों खरीद केन्द्र पर पहुंचे जिला कलक्टर ने किसानों से बात की। यहां सभी व्यवस्थाएं माकूल पाई गईं।
कलेक्टर के टाउन मंडी पहुंचने पर किसानों ने उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। किसानों का आरोप था कि एफसीआई की ओर से मात्र अपने चहेते दो-तीन व्यापारियों को बारदाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। इन्हीं व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनके गेहूं का उठाव किया जा रहा है। लिफ्टिंग की धीमी गति के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी के सभी रास्ते बंद हो चुके हैं।
गांव कमरानी निवासी किसान सुरेन्द्र गोस्वामी ने कलेक्टर को बताया कि अनाज मंडी में रास्ते के बीच में ही गेहूं की ढेरियां लगी हुई हैं। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लेकर मंडी में पहुंचे हैं, लेकिन मंडी में गेहूं रखने की जगह नहीं बची है। आधी फसल खेत में पड़ी है। परिवर्तनशील मौसम के चलते फसल खराब होने की आशंका है।
उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि रास्ता खुलवाया जाए ताकि ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन हो सके। गांव कमरानी निवासी एक अन्य किसान ने बताया कि उसे बारदाना उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। पूर्व में कुछ गेहूं की फसल की तुलाई तो गई लेकिन उसका उठाव नहीं हुआ। गेहूं उठाव में एफसीआई की ओर से भेदभाव किया जा रहा है।
