
हनुमानगढ़। संगरिया निवासी एक बुजुर्ग महिला ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपना रजिस्ट्रीशुदा मकान बेचने से रोकने की गुहार लगाई। महिला ने बताया कि उसके पौत्र की मौत हो चुकी है, लेकिन उसकी पौत्रवधू फर्जी कागज बनाकर उसके मकान को बेचना चाहती है।
बाधू देवी पत्नी सोहनलाल छिम्पा निवासी वार्ड 20, गोदारों का मोहल्ला, संगरिया ने बताया कि उसके नाम से वार्ड 20, संगरिया में एक रजिस्ट्रीशुदा मकान है। वह अपने मकान के ताला लगाकर स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण अपने पुत्र अमर सिंह के पास गांव सीतो गुन्नो पंजाब में रह रही है। उसके पौत्र संतोष कुमार की मौत हो चुकी है। संतोष कुमार शादीशुदा था। संतोष कुमार की मृत्यु पश्चात उसकी पौत्रवधू धारवी पत्नी संतोष कुमार ने किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली। शादी कर कहीं दूसरी जगह चली गई।
वह अपने पुत्र के पास जाने के 10 दिन बाद वापस अपने घर संगरिया में आई तो देखा कि उसकी ओर से लगाए गए तालों पर ताले लगे हुए हैं। उसने अड़ोस-पड़ोस में पता किया तो जानकारी मिली कि धारवी घर पर आई थी। धारवी ही तालों पर ताले लगा कर गई है। धारवी उक्त मकान बेचने की बात कह रही थी। अब उसके पुत्र के पास दलालों के फोन आ रहे हैं और कह रहे हैं कि वे मकान बेचना चाहते हैं क्या। जब उसने और उसके पुत्र ने कहा कि उन्हें अपना मकान नहीं बेचना तो दलालों ने बताया कि धारवी मकान बेच रही है।
धारवी ने अपने पहले पति संतोष कुमार के नाम से फर्जी और कूटरचित दान पत्र लिखवा रखा है, जबकि उसने कभी भी कोई दान पत्र नहीं लिखवाया। अब धारवी उक्त दान पत्र के आधार पर उसका मकान बेचना चाहती है। बाधू देवी ने जिला कलेक्टर से मांग की कि धारवी को उसका मकान बेचने से रोका जाए। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई कर उसे उसका मकान दिलवाया जाए।
विधानसभा क्षेत्र हनुमानगढ़ की मतदाता सूची की त्रुटियों में संशोधन करने की मांग के संबंध में भारतीय जनता पार्टी नगर मण्डल कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग के नाम जिला कलेक्टर कानाराम को ज्ञापन सौंपा।
मण्डल अध्यक्ष प्रकाश तंवर ने बताया कि हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में काफी गलतियां हैं। उदाहरण के तौर पर एक वार्ड कई भाग संख्या में बंटा हुआ है। इस कारण विधानसभा व लोकसभा चुनावों में मतदाताओं को वोट डालने में काफी परेशानी हुई। एक परिवार के वोट अलग-अलग बूथों पर बंटे होने के कारण भी कई मतदाता अपना वोट डालने से वंचित रह गए। इस कारण मतदान का प्रतिशत भी कम रहा। उक्त खामी के कारण चुनावों के समय मतदाता को पर्ची वितरण नहीं हो सकी।
ज्ञापन के जरिए मांग की गई कि मतदाता सूचियों में जो त्रुटियां हुई हैं वे तकनीकी खामियों की वजह से हुई हैं या जानबूझकर की गई हैं इसकी जांच करवा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मतदाता सूचियों की त्रुटियों को दुरुस्त करवाया जाए। इस मौके पर विजय जोशी, आलोक शर्मा, केशव पाल, राजन अरोड़ा, उदयपाल चिरानिया, पुरुषोत्तम सोनी, आकाश कुमार, विशु वर्मा, विपिन शर्मा, नंद किशोर, राकेश गोयल, प्रतीक तंवर सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
