
हनुमानगढ़। विकास मंत्रालय, भारत सरकार एवं राज्य सरकार के अधीन ईवा भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय सुअर पालन प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन आज हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों, विशेषकर महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरसेटी निदेशक बिधु शंकर ने की। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकते हैं। उन्होंने सुअर पालन व्यवसाय को अपनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया और बताया कि इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। बैंक के प्रतिनिधियों ने मौके पर ही बैंक से मिलने वाले लोन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गरीब एवं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बैंक अनुदानित याज दर पर ऋण उपलध करा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें। इस दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कुल 30 प्रतिभागियों ने भाग लिया। मास्टर ट्रेनर बलजिंदर सिंह ने उन्हें सुअर पालन की आधुनिक तकनीकों, उचित देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन एवं विपणन के गुर सिखाए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सुअर पालन से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर के अंतिम दिन परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें डोमेन एसेसर एसके वर्मा एवं डॉ. नरेंद्र शर्मा ने प्रशिक्षार्थियों का मूल्यांकन किया। परीक्षा के उपरांत सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिससे वे इस व्यवसाय को अपनाने के लिए अधिक आत्मविश्वास प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर संस्थान के अनुदेशक मुकेश कुमार, अनिल सिंह राठौड़, कार्यालय सहायक गणेश राम, रितिक अरोड़ा, सूरज, विकास कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रशिक्षण शिविर को सफल बनाने में सहयोग दिया।
