
हनुमानगढ़ । विशेष आपदा शोध केंद्र जेएनयू विश्वविद्यालय नई दिल्ली एवं जम्भाजी साहित्य अकादमी बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में जेएनयू विश्वविद्यालय के एस सी डी आर सभागार में प्रकृति की रक्षा,आपदाओं की रोकथाम, गुरु जांभोजी का सतत भविष्य के लिए हार्षि कोशा विषय पर एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजन किया गया इस संगोष्ठी में वक्ताओं ने प्राकृतिक आपदाओं एवं गुरु जांभोजी की शिक्षाओं पर विस्तार से मंथन किया। संगोष्ठी में राजस्थान, हरियाणा,उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, झारखंड, उत्तराखंड आदि प्रति के साथ-साथ विदेश से आए हुए लगभग 200 विषय विशेषज्ञों, विद्वानों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया । विभिन्न विश्वविद्यालय के विद्वानों एवं शोध विद्यार्थियों ने लगभग 70- 80 शोध पत्र पड़े जिन्हें बाद में पुस्तक करे में प्रकाशित किया जाएगा। एनएम कॉलेज के सेवानिवृत्त अध्यक्ष हिंदी एवं जांभोजी साहित्य अकादमी बीकानेर के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बी एल सहू ने समापन सत्र में अपने शोध पत्र का सार प्रस्तुत किया और विश्व में पर्यावरण प्रदूषण एवं नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए गुरु जांभोजी के बताए मार्ग पर चलते हुए और उनकी शिक्षाओं को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने पर जोर दिया
