
हनुमानगढ़। श्री दुर्गा मंदिर धर्मशाला बस स्टैंड में ऐतिहासिक ‘एक शाम ओधव के नाम’ एवं महा सम्मेलन का आयोजन भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन में हरिद्वार से लाई गई ओधव ज्योत का पूरे हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया गया। कार्यक्रम में श्री अखिल भारतीय सिंधी भानुशाली महाजन सरोवर के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाराम मंगे गुजरात, संत श्री हरिदास जी महाराज, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं समाज के वरिष्ठजन शामिल हुए। ज्योत का समाज के लोगों द्वारा नाच गाकर स्वागत किया गया। श्री अखिल भारतीय सिंधी भानुशाली महाजन सरोवर सिन्धी कच्छी भानुशाली समाज राजस्थान के उपाध्यक्ष बबलू भदरा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी विष्णु भाई मंगे, मनोहर अमलानी, वेलाराम सुमरानी, लालचंद भठरा, रामचंद महाजनी, चेतन दास भदरा, छगनलाल महाजनी, गीतेश महाजनी सहित समाज के अन्य कार्यकर्ताओं ने विभिन्न टीमों द्वारा आयोजन को सफल बनाने के लिए भरसक प्रयास किये। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 4 बजे ओधव ज्योत के भव्य स्वागत से हुआ। श्रद्धालुओं ने नाच-गाकर एवं जयघोष के साथ ज्योत का अभिनंदन किया। इसके पश्चात शाम 5 बजे श्रुति आरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद स्वागत वंदना की गई। संत श्री हरिदास जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में सनातन धर्म की महत्ता और समाज की एकता पर बल दिया। शाम 7 बजे महारास का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भक्ति रस में लीन हो गए। अंत में रात 8 बजे महा प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।प्रदेश सह मंत्री घनश्याम हस्वानी ने बताया कि हनुमानगढ़ में पहली बार इस तरह के आयोजन से समाज में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार हुआ है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के माध्यम से सिन्धी समाज के युवक-युवतियां, बुजुर्ग एवं महिलाएं हजारों की संख्या में शामिल हुए और अपनी संस्कृति तथा सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। यह आयोजन सिन्धियत की खुशबू बिखेरते हुए हनुमानगढ़ को मिनी सिन्ध के रूप में महकाने का कार्य करेगा। समाज के वरिष्ठजनों ने इस कार्यक्रम को भविष्य में भी जारी रखने का संकल्प लिया।
