बड़ी तादाद में भक्तो ने माथा टेक मांगी मन्नत

हनुमानगढ़। टाउन के निकटवर्ती गांव अमरपुरा थेहड़ी में स्थित प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन मौके पर शुरू हुए ऐतिहासिक मेले में श्रद्धा और सेवा का संगम देखने को मिल रहा है। 30 मार्च को प्रथम नवरात्रा से शुरू हुआ यह नौ दिवसीय मेला 6 अप्रैल, नवमी को सम्पन होगा। मेले में राजस्थान ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और गुजरात जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां भद्रकाली के दर्शन करने के लिए उमड़ रहे हैं। शुक्रवार को सातवें नवरात्रा पर भी काफी संख्या में श्रद्धालु मां भद्रकाली के मंदिर पहुंचे और दंडवत होकर मन्नत मांगी। सुबह से ही भद्रकाली माता के दर्शन के लिए भक्तो की कतारें लगनी शुरू हो गईं। भक्तो ने लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। मेले में आए नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपनी माता-पिता के साथ खरीदारी की और पकवानों का लुत्फ उठाया। मेले में कई सामाजिक संगठनों ने भी व्यवस्था संभाली। मंदिर के दोनों तरफ मुख्य मार्गों पर पेयजल, लंगर, खीर आदि का भण्डारा लगाया गया। शनिवार को आठवें नवरात्रा व अंतिम दिन रामनवमी पर रविवार को भद्रकाली मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। पत्रकारों ने किया कंजक पूजन हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब ) की ओर से मां भद्रकाली मेले में लगातार लगाए जा रहे 8 दिवसीय भंडारे में शुक्रवार को सातवें नवरात्रा पर भंडारे का शुभारंभ हनुमानगढ़ के पत्रकारों ने 51 कन्याओं का पूजन कर किया। समिति के उपाध्यक्ष रामकुमार मंगवाना ने बताया कि पत्रकार बजरंग शर्मा, ललित पारीक, अश्विनी डूमरा, सुनील नागर, नितिन बंसल, हरदीप सिंह, सुनील धूडिय़ा, राजू रामगढिय़ा, विनोद नांगलिया, प्रदीप पाल, पृथ्वीराज शर्मा, बलजीत सिंह तथा समाजसेवी सुभाष सिंगला, जयपाल जैन, प्रिंस जैन ने सपरिवार 51 कन्याओं का पूजन कर भंडारे का शुभारंभ किया। समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का साफा पहना कर व स्मृति चिन्ह देकर अभिनंदन किया। इस मौके पर समिति के मनीशंकर जलंधरा, नितिन बंसल, डॉ. संतोख सिंह, यशपाल मुंजाल, रंजन सैन, चंचल पारीक, सुरेश अग्रवाल, कृष्णावतार शर्मा, योगेश कुमार, गणेश, राजीव पाहवा, देवीलाल पेंटर, साजन धूडिय़ा, बजरंग सिंह, महेश सिंधी, रमेश काठपाल, विकास कालू कश्यप सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। 1985 से सेवा की मिसाल हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब ) के अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल ने बताया कि समिति ने वर्ष 1985 में ऐसे समय में सेवा कार्यों की शुरुआत की थी, जब मेले में श्रद्धालुओं को पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं होता था। तब से लेकर आज तक समिति खोया-पाया केन्द्र, चिकित्सा सेवाएं, जूता घर, पेयजल और सुगम दर्शन व्यवस्था के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं की सेवा कर रही है। समिति का सेवा भाव ही है कि आज श्रद्धालु निश्चिंत होकर मां के दरबार में अपनी श्रद्धा अर्पित कर पाते हैं। सेवा कार्यों में जुटे समाजसेवियों की टीम हनुमानगढ़ सेवा समिति की सेवा भावना में समिति अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल, उपाध्यक्ष रामकुमार मंगवाना, सचिव सुनील धूडिय़ा, कोषाध्यक्ष अनिल जिंदल, सह सचिव नितिन बंसल, मनी शंकर जलंधरा, सुरेश अग्रवाल, डॉ. मोहनलाल शर्मा, नवीन मिड्डा, जय किशन सोनी, विकास कालड़ा, गणेश बागड़ी, रूबी पाहवा, योगेश कुमार, महेश कुमार, दीपक बागड़ी, देवीलाल पेंटर, जितेन्द्र जिंदल, साजन धूडिय़ा, रमेश काठपाल, अजय शर्मा, मोहित जिंदल, डॉ. संतोख सिंह, रंजन सैन, अंकित हिसारिया सहित अन्य कार्यकर्ता बढ़- चढक़र हिस्सा ले रहे हैं। मां भद्रकाली का इतिहास और भक्तो की आस्था अमरपुरा थेहड़ी स्थित मां भद्रकाली का मंदिर प्राचीन काल से श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र रहा है। कहा जाता है कि मां भद्रकाली अपने भक्तो की मनोकामनाएं पूरी करती हैं और उन्हें संकटों से मुक्ति प्रदान करती हैं। हर वर्ष चैत्र नवरात्रि पर लगने वाले इस मेले में भक्तजन मां के दर्शन के साथ-साथ मेले के विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आनंद उठाते हैं। आठ दिनों तक मां भद्रकाली के दरबार में श्रद्धा का सैलाब उमड़ता है। श्रद्धालु भक्त्भाव से मां के दर्शन कर भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते हैं। मां से सुख-समृद्धि और मंगल कामना करते हैं।
