मुख्यमंत्री का हनुमानगढ़ दौरा: किसानों के हक में भजनलाल सरकार का बड़ा ऐलान, अफसरों और किसानों को दिया इशारे में मैसेज

हनुमानगढ़ । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों से कहा कि वे धरना-प्रदर्शन में वक्त जाया न करें। अफसरों को ज्ञापन देने भी न जाएं। वे तो काम अटकाते हैं। सबसे बढिय़ा तरीका यह है कि आप सीधे हमारे जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों से मिलें, उन्हें अपनी समस्या समझाएं वे खुद हम तक आपकी समस्या पहुंचाएंगे और हम बिना देर किए आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मंगलवार को लखूवाली हैड पर किसानों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी नहर और घग्गर नदी का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों और आमजन को संबोधित भी किया। मुख्यमंत्री शर्मा ने लखूवाली हेड पर किसानों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मैं हरिके बैराज से होते हुए यहां पहुंचा हूं। सबसे बड़ी बात यह है कि हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले राजस्थान में ‘अन्न के कटोरे’ के रूप में प्रसिद्ध हैं। ऐसे अन्नदाता किसानों से मिलकर मैं अत्यंत आभारी हूं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे कैलाश मेघवाल, गणेशराज बंसल और देवेंद्र पारीक सहित अन्य नेताओं से मिलकर उनकी समस्याओं को जानने का अवसर मिला। मुझे हमेशा किसानों की चिंता रहती है और मैं यहां की किसानों की समस्याओं को समझने आया हूं। मैं वादा करता हूं कि मैं इन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए काम करूंगा और शीघ्र ही आपके बीच फिर से आकर समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाऊंगा। मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इंदिरा गांधी नहर और घग्गर नदी के जल स्रोतों की स्थिति का जायजा लेना था, ताकि इन जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन और सिंचाई की समस्या का समाधान किया जा सके। उनके इस दौरे से किसानों में उत्साह और विश्वास का संचार हुआ है, जो यह मानते हैं कि सरकार उनके मुद्दों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जंक्शन सर्किट हाऊस में किसानों व आम जन की समस्याएं सुनीं। दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ में अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत किसानों के नाम एक बड़े राजनीतिक संदेश के साथ की। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश की प्रगति का रास्ता खेतों से होकर गुजरता है, और जब किसान मजबूत होगा, तभी राजस्थान मजबूत बनेगा। उन्होंने नहर प्रणाली को बेहतर बनाने, किसानों को पर्याप्त पानी और बिजली देने और बाढ़ से राहत पहुंचाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जो सीधे तौर पर उनकी सरकार की ‘किसान-केंद्रित’ नीति को दर्शाती हैं। शर्मा ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना के सुदृढ़ीकरण के लिए 3400 करोड़ रुपये के कार्यों की घोषणा की। यह निवेश सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री का उन लाखों किसानों को संदेश है जो हर फसल के मौसम में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहते हैं। साथ ही, उन्होंने माही बेसिन, यमुना जल समझौते और भाखड़ा तथा गंग नहरों से जुड़ी खालों की मरम्मत जैसे निर्णयों का भी उल्लेख किया है जो स्पष्ट करता है कि जल प्रबंधन अब इस सरकार की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक गणेशराज बंसल, विधायक संजीव बेनीवाल, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, कृष्ण कड़वा, भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल, जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, भाजपा नेता अमित सहू आदि मौजूद थे। लखूवाली, कोहला और घग्घर डायवर्जन पॉइंट पर हुए भव्य स्वागत ने स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री का दौरा सिर्फ प्रशासनिक नहीं था, बल्कि यह जनसंवाद और सियासी जमीन मजबूत करने की कवायद भी थी। फूल-मालाओं और बजट घोषणाओं के लिए हुए आभार प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि गांव देहात में भजनलाल शर्मा की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है।
