
श्री गंगानगर। जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में चक 39-एफ में एक किसान के खेत में पक कर तैयार गन्ने की फसल बिजली की ढीली और नीचे लटक रही तारों की वजह से लगी आग के कारण जलकर स्वाहा हो गई। लगभग 6 बीघा भूमि में गन्ने की फसल जल गई, जिससे किसान का लाखों रुपए का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे आग लगने की सूचना मिलने पर श्रीगंगानगर से दमकल कर्मी फायर टेंडर लेकर चक 29-एफ में काला सिंह नामक किसान के खेत पहुंचे, जहां गन्ने की फसल में भीषण आग लगी हुई थी। अनेक ग्रामीण आग बुझाने में लगे हुए थे। दमकल कर्मियों कुलदीप,विक्रम तथा सज्जन कुमार ने ग्रामीणों के सहयोग से निरंतर पानी डालकर आग पर काबू पाया। आग बुझाने में लगभग चार घंटे लगे। दमकल कर्मी रात्रि 8:30 बजे वापस श्रीगंगानगर पहुंचे। दमकल कर्मियों के अनुसार पूरे 6 बीघा जमीन में खड़ी करने की फसल जल गई। अथक प्रयास कर नजदीकी खेतों तक आग को पहुंचने नहीं दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार जब आग लगी तब हवा का रुख जिस तरफ था, उस तरफ के खेत खाली थे। अन्यथा अग्निकांड और भी ज्यादा भयानक तथा नुकसान भी कहीं ज्यादा होता। पीडि़त किसान कालसिंह ने बताया कि उसने पहली बार गन्ने की बिजाई की थी। उसका बेटा पंजाब के लुधियाना में स्थित कृषि विश्वविद्यालय से उन्नत किस्म का बी लेकर आया था। यह किस्म वाकई ही बड़ी कमाल की थी। 10 से 12 फुट लंबे गन्ने की पैदावार हुई। आसपास के अनेक गांवों के गन्ना उत्पादक किसान फसल देखने के लिए आते थे। उसने कुछ रकबा में इस किस्म के बीज के लिए भी बुवाई की थी। वह अगले कुछ दिनों में फसल काटकर बेचने वाला था जबकि अनेक किसान बीज के रूप में भी गन्ना ले जाने वाले थे। किसान काल सिंह के अनुसार उसके खेत में तीन चार जगह से बिजली की लाइन गुजरती हैं। काफी समय से उनकी तारे ढीली होकर नीचे लटक रही थीं उसने उसने पिछले वर्ष अटूबर, नवंबर और दिसंबर तथा इस वर्ष जनवरी में लगातार बार-बार विद्युत निगम के अधिकारियों को लिखित में प्रार्थना पत्र देकर बिजली की तारों को ठीक करने का आग्रह किया। उसने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई। विद्युत निगम के कर्मचारी हर बार आकर देख जाते थे लेकिन करते कुछ नहीं थे। कल हवा तेज चलने के कारण बिजली की तारें आपस में टकराई और स्पार्किंग होने से खेत में गिरी चिंगारियां से आग लग गई। तब निगम के कर्मचारी खेत में पहुंचे और आग लगी हुई देखकर चले गए। किसान कालसिंह के अनुसार गन्ने की फसल प्रधानमंत्री बीमा योजना में कवर नहीं होती। उसका लगभग 10 लाख रुपए का नुकसान हो गया। आग लगने के बाद जिमेवारी से बचने के लिए निगम के कर्मचारी व्हाट्सएप ग्रुप में सूचना डालने लगे कि दोपहर 2:30 बजे से 29 एफ की फीडर लाइन में फॉल्ट है, जिसे बंद किया गया है। निगम द्वारा यह सूचना तब प्रसारित की गई जब खेत में आग लगी हुई थी। इससे पहले उन्होंने कोई सूचना नहीं दी की लाइन में फॉल्ट, जिसे ठीक करने के लिए बिजली की आपूर्ति की गई है।ग्रामीणों ने बताया कि यह सब निगम कर्मचारियों ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए किया है ताकि वह अपने रिकॉर्ड में दिखा सके कि जब खेत में आग लगे तो बिजली की आपूर्ति बंद थी जबकि ऐसा नहीं था। पीडि़त किसान ने कहा कि वह अपने नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कार्यवाही करेगा। वह पुलिस में रिपोर्ट करेगा और अदालत का दरवाजा खटखटाना की कार्यवाही भी करेगा।
