
हनुमानगढ़। स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति के तत्वाधान में रविवार को तीज महोत्सव का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक अंदाज़ में किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में शहर की महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और पूरे आयोजन को जीवंतता प्रदान की। तीज महोत्सव में पारंपरिक लोकगीतों की स्वर लहरियाँ, सजे-धजे झूले, रंग-बिरंगे परिधान और उल्लास से भरे चेहरे वातावरण को सांस्कृतिक रस में डुबोते नज़र आए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक नीलम चौधरी थीं, जिन्होंने महिलाओं के इस आयोजन को सराहा और तीज जैसे पर्वों को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत के संवाहक बताया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि पूर्व उपसभापति नगीना बाई थीं, जबकि समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने अध्यक्षता की। गौरव शर्मा ने अपने संबोधन में समिति की ओर से महिलाओं के लिए इस तरह के उत्सवों के आयोजन की निरंतरता पर ज़ोर दिया और इसे समाज की आत्मा से जुड़ा पर्व बताया।
कार्यक्रम में शहर की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक पोशाकों में सजी-धजी होकर भाग लिया। उन्होंने पारंपरिक गीतों पर नृत्य किया और झूलों का आनंद लिया। आयोजन स्थल को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था, जिससे वातावरण पूरी तरह तीजमय हो गया था।
महिलाओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य और गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों के लिए भी विशेष खेल और प्रतियोगिताएँ रखी गईं, जिससे पारिवारिक माहौल बना रहा। आयोजन में मिठाइयों और परंपरागत व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई, जिसने सभी को त्योहार की मिठास का अनुभव कराया।
विशिष्ट अतिथि नगीना बाई ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक पर्वों से जोड़ना और उन्हें सामाजिक मंच पर भागीदारी का अवसर देना है। तीज का यह उत्सव हनुमानगढ़ में सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बनता जा रहा है, जिसमें हर वर्ष उत्साह और उमंग के साथ भागीदारी बढ़ती जा रही है।
