
हनुमानगढ़ में दीपावली के बाद बढ़े प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अत्यधिक खराब श्रेणी में पहुंच गया था, जिससे हनुमानगढ़ देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल हो गया। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से वायु गुणवत्ता में हल्का सुधार दर्ज किया जा रहा है।
बदले मौसम के कारण अस्पतालों में सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन के मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यह मौसम विशेष रूप से खतरनाक साबित हो रहा है।
राजकीय जिला अस्पताल के सीनियर स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश फगेड़िया ने बताया कि दीपावली के बाद सांस की तकलीफ की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ओपीडी के साथ-साथ भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। उन्होंने सलाह दी कि जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी या एलर्जी है, वे विशेष सावधानी बरतें।

सीनियर स्पेशलिस्ट डॉ. राकेश फगेड़िया ने दी सावधानी रखने की सलाह।
डॉ. फगेड़िया ने नागरिकों को वातावरण साफ होने तक यथासंभव घरों में रहने, बाहर जाने से बचने और आवश्यक दवाइयों का नियमित सेवन करने की सलाह दी, ताकि गंभीर तकलीफ से बचा जा सके और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत न आए।
राजकीय जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सोनी ने बताया कि धुएं और प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, पानी आना और लाल होने की शिकायतें लेकर कई मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
डॉ. सोनी के अनुसार, बचाव के लिए ऐसे प्रदूषित वातावरण से दूर रहना चाहिए। आंखों को समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहें और धूप से बचाव वाले चश्मे का उपयोग करें। यदि समस्या बनी रहती है, तो तत्काल नेत्र चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की गई है।
तीन दिन में 515 से 2269 हुए मरीज
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के आंकड़ों की बात करे तो 21 अक्टूबर को ओपीडी 515 थी तो वहीं, 24 अक्टूबर को ये बढ़कर सीधा चार गुना 2269 हो गई। 27 अक्टूबर को 2166 तो कल 28 अक्टूबर को ओपीडी सुधार के साथ 1894 तक आ गई।
