
नशा मुक्त भारत अभियान की पांचवीं वर्षगांठ पर मंगलवार को राजकीय विद्यालय नंबर 12 में नशामुक्ति प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिले में जारी नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान-ऑपरेशन सीमा संकल्प के तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजन हुआ। कार्यक्रम के सहप्रभारी विक्रम ज्याणी ने विद्यार्थियों को बताया कि अभावग्रस्त बचपन या भावनात्मक संघर्ष से गुजरा हुआ बचपन किताबों से दोस्ती करके बदल सकता है, नशे से नहीं।
नशे की दोस्ती अपनों से दुश्मनी है, जबकि किताबों से दोस्ती अपने सपनों से दोस्ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सपने पूरे करने के लिए किताबों से दोस्ती कर पढ़ने का सुझाव दिया। विद्यार्थियों ने मैं नशा मुक्त हूं, मुझे अपने भविष्य पर गर्व है, का संकल्प दोहराया। प्रिंसिपल रुपिंदर कौर ने नशा मुक्त श्रीगंगानगर अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में एक नई सोच और आत्मविश्वास पैदा कर रहा है। शिक्षकों ने भी विचार रखे। पुलिस कांस्टेबल प्रवीण कुमार ने साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के बारे में बताया।
