
हनुमानगढ़ उत्तरी हवाओं के चलते सर्दी के तेवर अब तीखे होने लगे हैं। देर रात और सुबह हवाएं ठंडी होने से हल्की ठिठुरन महसूस की जा रही है। बड़ी बात यह है कि गुरुवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस को छू गया। वहीं, उच्चतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हालांकि, दोपहर में साफ आसमान और धूप से लोगों को हल्की राहत मिल रही है। पिछले दो दिन में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था।
दोपहर के तापमान में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा, लेकिन रात के तापमान में उतार-चढ़ाव पिछले एक सप्ताह से जारी है। अच्छी बात यह है कि ऐसा मौसम रबी की फसलों के लिए फायदेमंद होता है लेकिन आमजन के लिए दिक्कत देने वाला। क्योंकि, इसी महीने में अस्पतालों में जुकाम, खांसी सहित वायरल बुखार के केस बढ़ जाते हैं। बता दें कि बीते एक हफ्ते में न्यूनतम पारा 4 डिग्री तक लुढ़क चुका है, जिससे रातें अब तेज ठंड वाली हो गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन में सुबह और रात को ठंडी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।
ऐसे रखें ध्यान: डॉक्टर्स ने लोगों को भीड़भाड़ से बचने, मास्क पहनने, हाथ धोने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। साथ ही, बुखार या खांसी होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराने को कहा गया है ताकि बीमारी गंभीर रूप न ले सके। एडवाइजरी के अनुसार गर्म कपड़े पहनें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, खूब पानी पिएं और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखें। इसके अलावा, नियमित व्यायाम करें, विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें और संक्रमण से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता भी बनाए रखें। हनुमानगढ़. खेतों में गेहूं की बुवाई की तैयारी करते हुए
बीमारियों का असर तेजी से बढ़ रहा है। लापरवाही बरतने से लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। टाउन स्थित जिला अस्पताल में रोजाना 1500 से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 60 प्रतिशत मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ये फायदा: नवंबर में बढ़ रही सर्दी रबी की फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने के लिए फायदेमंद है, क्योंकि यह उनके अंकुरण और विकास में मदद करती है।
हालांकि, अगर तापमान बहुत अधिक गिर जाए और पाला पड़े तो यह फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। तापमान में गिरावट से बीजों का अंकुरण अच्छे से होता है और पौधों की शुरुआती बढ़वार में सुधार होता है। ठंडे मौसम में फसलें बेहतर तरीके से बढ़ती हैं, जिससे अंततः पैदावार बढ़ने की संभावना होती है। साथ ही सर्दियों में ओस और नमी के कारण खेतों में नमी बनी रहती है, जिससे पानी देने की आवश्यकता कम हो जाती है।
आगे क्या: मौसम केंद्र जयपुर ने राजस्थान में आगामी एक सप्ताह मौसम साफ रहने और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट होने की संभावना जताई है। अगले कुछ दिन इसी तरह की सर्दी रहने और रात का तापमान सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
