
परंपरागत कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए श्रीयादे माटी कला बोर्ड राजस्थान की ओर से जिले के माटी कला कामगारों को बड़ी सौगात दी गई है। बजट घोषणा 2025-26 के तहत हनुमानगढ़ जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों से चयनित 93 कला कामगारों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण बाद विद्युत चालित चाक एवं मिट्टी गूंथने की मशीनों का निःशुल्क वितरण किया गया।
हनुमानगढ़ के सेवा विकलांग आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में माटी कला बोर्ड के सीईओ डॉ. राहुलराज ने बताया कि राजस्थान सरकार की इस योजना का उद्देश्य माटी कला कार्य को तकनीकी रूप से मजबूत बनाकर कामगारों के रोजगार को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि मशीनों से लागत और मेहनत में कमी आएगी, उत्पाद में गुणवत्ता बढ़ेगी और कारीगरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
डॉ. राहुलराज ने इसे माटी कला व्यवसाय को पुनर्जीवित करने और युवाओं को इस परंपरागत कला से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से सुसज्जित कारीगर अधिक उत्पादन कर सकेंगे तथा बाजार की मांग के अनुरूप प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ पाएंगे।
कार्यक्रम में भाजपा नेता अमित सहू ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं लाभार्थियों तक सीधे पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाएं देश के प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करेंगी और माटी कला कामगारों के परिवारों में समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगी।
जनप्रतिनिधि पवन बागोरिया ने कहा कि विद्युत चालित चाक और मिट्टी गुंथने की मशीन से समय की बचत होगी। इस मौके पर बलवंतसिंह निडर, सेवा विकलांग आश्रम के संचालक हेमंत गोयल आदि मौजूद रहे।
