
श्रीगंगानगर कंचन सेवा संस्थान उदयपुर की ओर से आयोजित ऐतिहासिक 21 फीट लंबी अष्टधातु निर्मित पवित्र गदा यात्रा श्रीगंगानगर पहुंची है। मंगलवार को शहरभर के मुख्य मार्गों पर इस गदा को भ्रमण करवाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं को गदा के दर्शन और पूजन का अवसर मिला।
भ्रमण के दौरान शहर के हर चौक-चौराहे पर गदा का भव्य स्वागत हुआ। यह गदा न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बनी बल्कि इसका आगमन एक धार्मिक उत्सव जैसा माहौल लेकर आया। हर कोई वाहन पर रखी गदा के साथ फोटो खिंचवाने के लिए उत्साहित दिखाई दिया। यह यात्रा सनातन संस्कृति और भक्ति भाव जागृत करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। इसको लेकर रामभक्तों में अपार उत्साह नजर आया। बता दें कि यह गदा उदयपुर में निर्माणाधीन 11 मुखी, 84 फीट ऊंचे हनुमान जी महाराज मंदिर का हिस्सा है। पिछले 23 महीनों से देशभर के अलग-अलग शहरों और गांवों में यह गदा यात्रा निकाली जा रही है। कंचन सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. छैल बिहारी शर्मा के अनुसार 10 वर्षों के भारत भ्रमण के बाद यह गदा मंदिर में स्थापित की जाएगी। शर्मा के अनुसार 84 लाख योनियों के प्रतीक के रूप में हनुमान प्रतिमा की ऊंचाई 84 फीट तय की गई है। यह विश्व की एकमात्र 11 मुखी हनुमान प्रतिमा होगी। रामभक्त हनुमान की भक्ति से ओतप्रोत भजनों के साथ प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक जगहों पर यात्रा को विश्राम दिया जाएगा। इस गदा का निर्माण उदयपुर की कंचन सेवा संस्थान ने कराया है।
अष्ट्धातु निर्मित पवित्र हनुमान गदा का धार्मिक महत्व : हनुमान गदा को शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। इस गदा का उद्देश्य भक्तों में धर्म और भक्ति की भावना को प्रबल करना है। श्रीगंगानगर में इसके आगमन पर श्रद्धालु उत्साहित नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग, हर कोई इस गदा को छूकर आशीर्वाद लेने के लिए आतुर दिखा। इस यात्रा में शहर के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने सहयोग का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर जगह-जगह स्वागत मंच लगाए जाएंगे, जहां गदा का स्वागत फूलों और भजन-कीर्तन से किया जाएगा। जानकारी के अनुसार इस गदा का निर्माण भी कारीगरों ने हनुमान धाम, उदयपुर में ही किया था। सितंबर 2023 में उदयपुर के रुंडेडा गांव स्थित धाम से हनुमान गदा के साथ रथयात्रा रवाना हुई थी जो शहर से लेकर गांवों तक जा रही है।
