
हनुमानगढ़। अनुसूचित जनजाति (एसटी) का जाति प्रमाण-पत्र जारी करवाने की मांग को लेकर धाणका समाज का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को यह धरना अपने 102वें दिन में प्रवेश कर गया। तीन माह से अधिक समय से जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण तरीके से डटे समाजजन प्रशासनिक उदासीनता से बेहद नाराज़ हैं और न्यायपूर्ण मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ और समाज की एकजुटता इस आंदोलन को और बल दे रही है।
धरनास्थल पर आज बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष तथा युवा पहुंचे और अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग को बुलंद किया। वक्ताओं ने कहा कि कई जिलों में धाणका समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का लाभ प्राप्त है, लेकिन हनुमानगढ़ जिले में अब तक एसटी प्रमाण-पत्र जारी नहीं किए जा रहे। इस कारण समाज के युवा शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं में मिलने वाले आरक्षण और सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्षों से फाइलें लंबित पड़ी हैं, परन्तु उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे समुदाय में गहरी निराशा व्याप्त है।
धरने के 102वें दिन भाजपा प्रत्याशी अमित चौधरी और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला कलेक्टर से मुलाकात की। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए समाज की कठिनाइयों से अवगत कराया और कहा कि धाणका समाज की यह मांग पूरी तरह से वैधानिक व न्यायसंगत है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि लंबित फाइलों को शीघ्र निस्तारित किया जाए तथा हनुमानगढ़ जिले में भी एसटी प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं, ताकि समाज के युवाओं को समान अवसर मिल सकें।
भाजपा प्रत्याशी अमित चौधरी ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा धाणका समाज को उसके अधिकार दिलाने हेतु हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले को उच्च स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय मिल सके। जिला अध्यक्ष प्रमोद डेलू ने भी कहा कि समाज की लगातार पीड़ा को अब नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
धरनास्थल पर वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन एवं समाज के लोग भारी संख्या में जयपुर विधानसभा की ओर पैदल कुच करेंगे। अंत में समाजजनों ने एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि जब तक एसटी प्रमाण-पत्र जारी नहीं होते, तब तक धाणका समाज का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
