
श्रीगंगानगर गंगनहर के किसानों की लंबे समय से पंजाब में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण का काम अब शुरू होेने में नई अड़चन सामने आई है। पंजाब ने फीडर के पुनर्निर्माण का काम शुरू करने के लिए जनवरी माह में नहरबंदी पर राजस्थान से सहमति चाही है, लेकिन अब जनवरी में रबी फसलों को पकाने के लिए पानी को लेकर पेच फंस गया है। किसानों का कहना है कि नहरबंदी से हमें एतराज नहीं है, लेकिन नहरबंदी के दौरान बीकानेर कैनाल को पानी देने की वैकल्पिक व्यवस्था करो ताकि रबी फसलों को पकाने के लिए बीकानेर कैनाल को पानी मिलता रहे।
उल्लेखनीय है कि पंजाब में बीकानेर कैनाल की 45 आरडी से फिरोजपुर फीडर के जरिए ही पानी मिलता है। फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रथम फेज में 0 से 55 आरडी तक पुनर्निर्माण के लिए पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निविदाएं आमंत्रित की है। काम नहरबंदी के तय समय में पूरा हो इसके लिए एक एक से दो दो बुर्जी तक के अलग-अलग फर्मों को टेंडर किए गए हैं। इसके अलावा नहरबंदी को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां भी पूरी कर ली हैं, लेकिन जनवरी माह में नहरबंदी को लेकर पेच फंस गया है। जनवरी माह में नहरबंदी का किसान सीधे तौर पर विरोध कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जनवरी माह में रबी की मुख्य फसल गेहूं, चना व जौ को पकाने के लिए सिंचाई पानी की आवश्यकता रहती है, ऐसे में सिंचाई पानी नहीं मिला तो किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। किसान फिरोजपुर फीडर निर्माण के लिए बीकानेर कैनाल को पानी देने की वैकल्पिक व्यवस्था के नहरबंदी के पक्ष में नहीं है। जिले में गंगनहर क्षेत्र के 4,00,000 लाख हेक्टेयर में फसलें हैं जिन्हें बीकानेर कैनाल के माध्यम से मिलने वाले पानी से सिंचाई होती है।
{ राजस्थान कैनाल के लोहगढ़ हेड से निकलने वाली कच्ची लिंक चैनल नहर की सफाई करवाकर इससे भी बीकानेर कैनाल के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। -जैसा कि गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंद्र सिंह गिल ने बताया { फिरोजपुर फीडर से वर्तमान में बीकानेर कैनाल की आरडी 45 पर पानी मिलता है, पुरानी बीकानेर कैनाल व इसके साथ-साथ बहने वाली ईस्टर्न कैनाल की सिल्ट निकलवाकर सफाई करवाकर हुसैनीवाला से करीब 2000 क्यूसेक पानी लिया जा सकता है।
{ पुरानी बीकानेर व ईस्टर्न कैनाल का पानी लूथर हेड से पंजाब की नहरों को देने के लिए बीकानेर कैनाल की आरडी 45 पर बनाई दीवार तोड़नी पड़ेगी। नहरबंदी के बाद पंजाब के अधिकारी चाहे तो इसे पुन: बना सकते हैं। इसे तोड़े बगैर पानी लिया जाना संभव नहीं है।
^ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उच्च स्तर पर की जा रही है वार्ता: फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए जनवरी में 40 दिन की नहरबंदी की मांग पंजाब के अधिकारियों ने मांग की है। इस दौरान हमारे यहां रबी फसलों को पकाने के लिए सिंचाई पानी की डिमांड रहती है। ऐसे में फिरोजपुर फीडर पुनर्निर्माण के दौरान बीकानेर कैनाल के लिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की जा रही है। इस संबंध में पंजाब व राजस्थान के अधिकारियों की उच्च स्तर पर वार्ता की जा रही है। ताकि जनवरी में सिंचाई पानी की कोई दिक्कत नहीं आए।
– धीरज चावला, अधीक्षण अभियंता गंगनहर, श्रीगंगानगर
