
श्री बाबा बालक नाथजी की प्रतिमा को लेकर भक्तों का इंतजार खत्म होने वाला है। अलवर के कारीगरों की छेनी से तराशी गई, वियतनाम के दुर्लभ सफेद संगमरमर से बनी, सिद्ध श्री बाबा बालक नाथ जी की 2 फीट की प्रतिमा श्री दुर्गा मंदिर में 30 नवंबर को विराजित की जाएगी। शुक्रवार को मूर्ति पूजा की विधिवत रूप से शुरूआत हुई। मंदिर में दिनभर वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी।
मंदिर में स्थापना से ठीक एक दिन पहले 29 नवंबर को इस दिव्य मूर्ति को नगर परिक्रमा करवाई जाएगी। श्री दुर्गा मंदिर संकीर्तन सभा समिति श्रीगंगानगर के तत्वावधान में मंदिर में सिद्ध श्री बाबा बालक नाथ जी की मूर्ति-स्थापना समारोह 29 व 30 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। श्री दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा ने बताया कि सिद्ध श्री बाबा बालक नाथ जी की मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में 29 नवंबर को शाम 3:15 बजे नगर परिक्रमा निकाली जाएगी, जो श्री दुर्गा मंदिर से प्रारम्भ होकर शहर के मुख्य-मुख्य मार्गों से होते हुए वापिस श्री दुर्गा मंदिर पहुंचकर सम्पन्न होगी।
इस कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नगर परिक्रमा के लिए सेवादारों की ड्यूटियां लगाई गई हैं। सचिव राजेश वाट्स ने बताया कि 30 नवंबर को सुबह 9 बजे हवन किया जाएगा और सुबह 10:15 बजे बाबा बालक नाथ संकीर्तन मंडल बड़ा शिवालय द्वारा भजन संकीर्तन किया जाएगा। पंडित अमर प्रकाश शास्त्री, पं. ऋषि शर्मा व पं. मनोज दुबे द्वारा पूजा-अर्चना के साथ सिद्ध श्री बाबा बालक नाथ जी की मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे श्रद्धालुओं को मां भगवती व बाबाजी का अटूट भंडारा प्रसाद वितरण किया जाएगा। मुख्य यजमान उर्मिला दत्ता परिवार होगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष सुशील मल्होत्रा, उपाध्यक्ष बिट्टू ठक्कर, सचिव राजेश वाट्स, उपसचिव जितेन्द्र जसूजा, कोषाध्यक्ष संदीप कटारिया, ऑडिटर प्रदीप गर्ग प्रवीण आदि सेवादार जुटे हुए हैं।
