
हनुमानगढ़। जिले के सभी ईंट भटटों पर जलाई एवं निकासी कार्य लंबे समय से बंद पड़े होने के कारण करीब एक लाख स्थानीय व प्रवासी मजदूर गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कच्ची ईंट पथेर का कार्य भले ही सीमित तौर पर चल रहा हो, लेकिन अग्नि जलाई और पक्की ईंट निकासी का काम बंद रहने से बड़ी संख्या में मजदूरों की मजदूरी पूरी तरह थम गई है। इसी स्थिति को लेकर ईंट भटटा लेबर यूनियन (सीटू) ने शुक्रवार को जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन सौंपा।
सरपंच बलदेव मक्कासर ने ज्ञापन में बताया कि हनुमानगढ़ जिले के अधिकांश मजदूर अपने परिवारों सहित भटटों पर ही डेरा जमाए बैठे हैं, लेकिन काम शुरू न होने से उन्हें भटटा मालिकों से उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। यूनियन ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में अधिकांश भटटों पर एक माह पहले ही अग्नि जलाई का कार्य शुरू हो चुका है, जबकि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में अभी तक जलाई का कार्य शुरू न होना मजदूरों के लिए बेहद चिंता का विषय है। मजदूरों ने मांग की कि यदि जलाई व निकासी का कार्य तात्कालिक रूप से शुरू हो जाए तो उन्हें नियमित मजदूरी मिलने लगेगी और उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सकेगी।
ईंट भट्टा यूनियन के सदस्य गुरनायब सिंह ने बताया कि मजदूर लगातार भटटों पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन काम न मिलने से उनके सामने भरण-पोषण का संकट गहराता जा रहा है। यूनियन ने सरकार से आग्रह किया कि सभी ईंट भटटों पर अग्नि जलाई कार्य शुरू करवाने हेतु तुरन्त प्रभाव से आदेश पारित किए जाएं, जिससे मजदूरों को राहत मिल सके।
यूनियन ने चेताया कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो हजारों परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाएगा। इस मौके पर ईंट भट्टा मजदूर लेबर यूनियन जिला सचिव बलदेव सिंह मक्कासर, कोषाध्यक्ष गुरनायब सिंह, बलजिंदर सिंह, बलराज सिंह, काला सिंह, वेद मक्कासर, सुरेश जोड़किया, नवदीप सिंह व अन्य सदस्य मौजूद थे।
