
हनुमानगढ़ जिले में राजफेड द्वारा सहकारिता विभाग के माध्यम से मूंग और मूंगफली की खरीद समर्थन मूल्य पर की जा रही है। मूंग की खरीद 11 में से 10 और मूंगफली की सभी 6 केंद्रों पर खरीद प्रारंभ की गई है। हालांकि तारीख आबंटित होने के बावजूद कई केंद्रों पर किसान नियमित रूप से उपज नहीं ला रहे। 24 नवंबर से सहकारिता विभाग ने खरीद शुरू की थी। 5 दिसंबर तक 12 दिनों में 6 करोड़ 38 लाख 49 हजार 143 रुपए का 7726 क्विंटल मूंग और मूंगफली की एमएसपी पर खरीदा जा चुका है। 71 कृषकों को 1 करोड़ 12 लाख 23 हजार 685 रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है।
समर्थन मूल्य पर खरीद प्रारंभ होने से जिले में 376 कृषक लाभान्वित हुए हैं। एमएसपी पर उपज बेचने के लिए खरीद एजेंसी राजफेड की ओर से 1152 कृषकों को तारीख आबंटित की गई है। कई केंद्रों पर तारीख आबंटित होने बावजूद किसान उपज नहीं ला रहे। सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार फसल पकाव के समय बेमौसम बारिश की वजह से मूंग की क्वालिटी प्रभावित हुई थी। इस कारण खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता कमजोर होने के कारण मूंग की खरीद अवश्य दिक्कत आ रही है, लेकिन मूंगफली की खरीद सुचारू चल रही है। तारीख आबंटित होने के बाद किसान केंद्रों पर ला रहे हैं उनकी उपज खरीदी जा रही है।
तारीख आबंटित होने 10 दिन के अंदर कृषक संबंधित केंद्र पर मूंग व मूंगफली बेच सकते हैं। जिले में मूंग की समर्थन मूल्य (8768 रुपए प्रति क्विंटल) पर खरीद के लिए सर्वाधिक 11 केंद्र बनाए गए हैं। 10 केंद्रों पर 282 किसानों से 5137.50 क्विंटल खरीद की जा चुकी है। जीएसएस 2 केएनजे में खरीद प्रारंभ नहीं हो पाई है। नोहर और भादरा में सर्वाधिक 90-90 किसानों से मूंग की खरीद की गई है। नोहर में 1823 क्विंटल और भादरा में 2110 क्विंटल मूंग की खरीद की जा चुकी है। इसी तरह रावतसर में 3 किसानों ने 79.59 क्विंटल, उप केंद्र पल्लू में 1 किसान से 14 क्विंटल, गोलूवाला में 32 किसानों से 526.50 क्विंटल, टिब्बी में 4 कृषकों से 26.50 क्विंटल, पीलीबंगा में 3 कृषकों से 24 क्विंटल, संगरिया में 19 किसानों से 154.50 क्विंटल, हनुमानगढ़ जंक्शन में 23 किसानों से 294.50 क्विंटल और हनुमानगढ़ टाउन में 17 किसानों से 85 क्विंटल मूंग की खरीद की गई है। मूंगफली की खरीद समर्थन मूल्य (7263 रुपए प्रति क्विंटल) पर खरीद 94 किसानों से हुई है। नोहर में सर्वाधिक 63 किसानों से 1805.65 क्विंटल मूंगफली समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है। रावतसर में 4 किसानों से 110.95 क्विंटल, उप केंद्र पल्लू में 5 किसानों से 183.75 क्विंटल, टिब्बी में 11 किसानों से 172.20 क्विंटल, संगरिया में 5 किसानों से 138.95 क्विंटल और हनुमानगढ़ टाउन में 6 किसानों से 177.45 क्विंटल मूंगफली खरीदी जा चुकी है। राज्य सरकार ने इस बार मूंग की खरीद 1 नवंबर की बजाए 24 नवंबर से शुरू की। मूंगफली की खरीद 18 नवंबर की जगह 24 से शुरू हुई। खरीद में देरी होने के कारण अधिकांश किसान मूंग बाजार भाव पर बेच चुके हैं। इस कारण खरीद केंद्रों पर आवक कम हो रही है। साथ ही मूंग की गुणवत्ता भी मानक के अनुरूप नहीं है। इसलिए तारीख आबंटित होने के बावजूद बहुत कम संख्या में किसान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। राजफेड ने जिले में 8725 किसानों से मूंग की एमएसपी पर खरीद का लक्ष्य तय किया। 5 दिसंबर तक 7745 किसानों ने ही पंजीयन करवाया। 913 किसानों को उपज लाने के लिए तारीख आबंटित की, लेकिन 50 फीसदी कृषक ही पहुंचे।
इसमें भी 50 फीसदी उपज मानक के अनुरूप नहीं थी। इसलिए 282 कृषकों से ही मूंग खरीदा गया है। जिले में 2764 कृषकों से मूंगफली समर्थन मूल्य पर खरीद का लक्ष्य तय किया गया था। 2497 किसानों ने ही पंजीयन करवाया है। 239 किसानों को तारीख आबंटित की गई है और 94 कृषकों से ही मूंगफली की खरीद की गई है। अगर तय समय पर खरीद प्रारंभ होती तो ज्यादा किसान एमएसपी पर उपज बेचते और उनको आर्थिक लाभ मिलता। जिले में मूंग और मूंगफली की खरीद सुचारू रूप से चल रही है। मूंग में क्वालिटी का इश्यू अवश्य है। मानक के अनुरूप जितनी भी उपज आती है उसकी खरीद की जा रही है। 1 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान भी हो चुका है।
