
हनुमानगढ़ में जिला स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन 11 दिसंबर को होगा। जंक्शन स्थित अंबेडकर भवन में सुबह 9 बजे से इस महोत्सव का आगाज होगा। इस महोत्सव में राजस्थान की लुप्त और दुर्लभ पारंपरिक कलाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें फड़, रावणहत्था, रम्मत, अल्गोजा, मांडणा, लंघा-मांगणियार, कठपुतली, भित्ति चित्र, खड़ताल, मोरचंग और भपंग जैसी कलाएं शामिल हैं।
राजस्थान युवा बोर्ड की ओर से आयोजित इस महोत्सव के लिए अब तक 1605 युवा पंजीकरण करवा चुके हैं। पारंपरिक कलाओं के प्रदर्शन के अलावा, महोत्सव में समूह नृत्य, समूह गायन, एकल नृत्य, एकल गायन, चित्रकला, डिक्लेमेशन, कविता लेखन, नवाचार (प्रदर्शनी और साइंस मेला), हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल और कृषि-उत्पाद जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी।
15 से 29 साल तक के युवा ले सकते है भाग डीईओ (माध्यमिक) जितेंद्र कुमार ने बताया कि भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार, 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सकते हैं। प्रतिभागियों को राजस्थान युवा बोर्ड पोर्टल और माय भारत पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करना अनिवार्य है। कलाकारों की आयु की गणना 1 सितंबर 2025 को आधार मानकर की जाएगी।
हिंदी, अंग्रेजी या राज्य भाषा का रहेगा विकल्प युवा महोत्सव से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, नियम और पंजीकरण प्रक्रिया राजस्थान युवा बोर्ड की वेबसाइट youthboard.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध हैं। पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय ‘नशामुक्त युवा’ या ‘स्वस्थ जीवन शैली की ओर युवा’ रखा गया है, जबकि डिक्लेमेशन का विषय ‘भारत में आपातकाल, संविधान उल्लंघन एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा’ होगा। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी या राज्य भाषा का विकल्प चुन सकते हैं। प्रतियोगिताओं के नियमानुसार, लोक नृत्य और लोक गायन में 6 से 10 प्रतिभागी और 3 संगतकार शामिल हो सकेंगे, जिसके लिए 5 से 8 मिनट का समय दिया जाएगा। डिक्लेमेशन के लिए 7 मिनट, चित्रकला के लिए 6 घंटे और कविता लेखन के लिए 1 घंटा 30 मिनट की समय सीमा निर्धारित की गई है।
