
हनुमानगढ़ में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इसके कारण विजिबिलिटी घटकर कुछ ही मीटर रह गई, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। दिसंबर के मध्य तक धुंध न पड़ने के बाद यह मौसम में अचानक बदलाव देखा गया।
कम विजिबिलिटी के चलते सुबह 10 बजे तक वाहन चालक हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलते दिखे। इस दौरान ठंड का एहसास भी बढ़ गया। सुबह 10 बजे के बाद भी तापमान लगभग 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जहां एक ओर कोहरे ने वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी की, वहीं दूसरी ओर रबी फसलों के लिए यह ठंडक फायदेमंद मानी जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धुंध और हल्की ठंड गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों की बढ़वार के लिए अनुकूल है। इससे खेतों में नमी बनी रहती है और फसलों को लाभ होता है। खासकर गेहूं की फसल को इससे अधिक फायदा मिलता है। सरसों और चना के लिए भी ठंड और धुंध लाभकारी है, बशर्ते तापमान अचानक बहुत नीचे न गिरे और पाला न पड़े।
कृषि विभाग ने मौसम के इस बदलाव को फसलों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है और किसानों को अनावश्यक सिंचाई से बचने की सलाह दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में धुंध या हल्की ठंडक का दौर जारी रहता है, तो रबी सीजन की मौजूदा फसलों को और अधिक लाभ मिल सकता है। हालांकि, पाला पड़ने की आशंका होने पर किसान हल्की सिंचाई कर बचाव के उपाय अपना सकते हैं।
