
मांग- 1. एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू सरकार रद्द करे। किसानों का तर्क: फैक्ट्री शुरू होने से जल व वायु प्रदूषण बढ़ेगा। प्रतिदिन लाखों क्विंटल पराली जलेगी। राखी के बड़े-बड़े ढेर लग जाएंगे। प्रदूषित वातावरण से बीमारी बढ़ेगी। भूमिगत पानी का दोहन होगा। राइस बैल्ट के रूप में प्रसिद्ध क्षेत्र की भूमि बंजर हो जाएगी। मांग- 2: आंदोलन करने वालों पर दर्ज मुकदमे वापस लें। किसानों का तर्क: 10 दिसंबर को किसानों की टिब्बी में महापंचायत हुई। किसान फैक्ट्री के निर्माण रोकने की घोषणा के लिए बार-बार प्रशासन से गुहार लगा रहे थे।
प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता करना उचित नहीं समझा। लोग आक्रोशित हो गए। फिर पुलिस ने सैकड़ों लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए। भास्कर संवाददाता| हनुमानगढ़ टिब्बी के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की बुधवार को जंक्शन स्थित धान मंडी में महापंचायत होगी। कांग्रेस और माकपा ने भी समर्थन की घोषणा की है। संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधि रेशम सिंह मानुका ने दावा किया कि महापंचायत में लगभग 5 हजार लोग शामिल होंगे। राकेश टिकैत सहित कई किसान नेता महापंचायत को संबोधित करेंगे। किसानों से ट्रैक्टर की जगह अन्य वाहनों से महापंचायत में पहुंचने की अपील की जा रही है। वहीं, पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार सुबह से जिले में इंटरनेट सेवा निलंबित की गई है। कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय की चारदीवारी के बाहर दो लेयर बैरिकेडिंग की गई है। जिला कलेक्टर चैंबर की बाहरी खिड़की के ऊपर लोहे की जाली लगाई गई है। आंदोलन के दृष्टिगत 1400 पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मंगलवार को भी ग्रामीण क्षेत्र में जनसंपर्क में जुटे रहे। उधर, जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. खुशाल यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 की अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हनुमानगढ़ जिले की राजस्व सीमा के भीतर निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं।
आदेश में लिखा गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा व अन्य संगठनों के तत्वावधान में महापंचायत में जिले के विभिन्न स्थानों और पंजाब-हरियाणा से भी किसानों व मजदूरों के शामिल होने की संभावना है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में निषेधाज्ञा लागू की जाती है। फ्लैश बैक: 10 दिसंबर को टिब्बी में महापंचायत के दौरान हुई थी हिंसा, 14 वाहन भी जलाए गए थे एथेनॉल फैक्ट्री हटाने के विरोध टिब्बी में 10 दिसंबर को किसानों व ग्रामीणों की महापंचायत हुई थी। शाम 5 बजे भीड़ अनियंत्रित होकर फैक्ट्री की तरफ कूच कर गई और तोड़-फोड़ करते हुए लगभग 14 वाहनों को आग लगा दी। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस द्वारा अगुवा नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। 17 दिसंबर को महापंचायत की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन की ओर से किसान नेताओं के साथ कई बार वार्ता भी की जा चुकी है। वार्ता में जिला प्रशासन द्वारा किसानों को फैक्ट्री अधिकारियों के हवाले से निर्माण रोकने का भी आश्वासन दिया गया। हनुमानगढ़. किसान महापंचायत के चलते सुरक्षा मंगलवार को ही कड़ी कर दी गई। जंक्शन कलेक्ट्रेट में कलेक्टर के चैंबर के बाहर खिड़कियों पर जालियां लगा दी गई वहीं दो स्तरीय बैरिकेडिंग कर दी गई। एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में गत 10 दिसंबर को टिब्बी के राठीखेड़ा में हुए बवाल के बाद राज्य सरकार ने इस पर संज्ञान लिया है।
यही कारण है कि जयपुर और बीकानेर से प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों को जिले में भेजा गया है। इसमें एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ, बीकानेर रेंज आईजी हेमंत शर्मा, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा के अलावा 7 एएसपी, 18 सीओ, 49 इंस्पेक्टर, 70 एसआई-एएसआई, 1296 हेड-कांस्टेबल-कांस्टेबल सहित 1440 पुलिस जाप्ते की तैनाती की गई है। पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारी पल-पल की गतिविधि पर नजर रखे हैं। कुल मिलाकर लॉ एंड ऑर्डर के साथ शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। कलेक्ट्रेट को चारों तरफ से सील कर डबल लेयर बैरिकेडिंग की गई है।
