
एसई केएल डांगी ने राजस्थान की विविध संस्कृति और वेशभूषा पर चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान अपनी सांस्कृतिक धरोहर और विविध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। हर 50 किलोमीटर पर यहां की बोली, पहनावा और रहन-सहन बदलता है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को इन विविधताओं को समझने और आपसी सौहार्द को बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। जिला युवा अधिकारी रीना केसरिया ने बताया कि पांच दिवसीय कार्यक्रम में युवाओं को हनुमानगढ़ के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान लोहड़ी पर्व का भी उत्सव मनाया गया। इस दौरान आदिवासी नृत्य, गरासिया, घूमर और टीमली जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में साहित्यकार वीरेंद्र छपोला, गुरदास सुरेवाला, योगेंद्र सिंह मौजूद रहे। अंत में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी के रूप में देवाराम और कोमल जाट को सम्मानित किया गया। भास्कर संवाददाता |हनुमानगढ़ माय भारत केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित अंतर जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का शनिवार को समारोहपूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य को साकार किया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव थे। जबकि कार्यक्रम अध्यक्ष जोधपुर विद्युत प्रसारण निगम के एसई केएल डांगी थे।
कार्यक्रम में उदयपुर जिले के 37 युवाओं ने भाग लिया, जिन्हें जिले के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहरों, दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराने के साथ-साथ विभिन्न विषयों पर व्याख्यान और परिचर्चाओं के माध्यम से जिले की संस्कृति और रीति रिवाज से रूबरू करवाया। कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, और देश का विकास उनकी सोच और कर्मठता पर निर्भर करता है। अगर युवा सशक्त और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करेंगे, तो देश किसी भी चुनौती का सामना कर सकता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी ऊर्जा और क्षमताओं का उपयोग समाज को सशक्त बनाने में करें। वर्तमान में युवाओं को चाहिए कि वे सांस्कृतिक प्रदूषण और समाज में तेजी से फैल रहे नशे से बचे और नशा उन्मूलन में अपनी महती भूमिका अदा करे।
