
हनुमानगढ़ पौंग और भाखड़ा बांध के कैचमेंट एरिया में दिसंबर माह के 20 दिनों में मावठ नहीं हुई है। बांधों में पानी की आवक से ज्यादा निकासी हो रही है। इस कारण दोनों ही डैम का जल स्तर निरंतर घट रहा है। इसलिए जल संसाधन विभाग की ओर से अगले सप्ताह जल परामर्शदात्री समिति की बैठक कर आईजीएनपी में चल रहे मौजूदा रेगुलेशन की समीक्षा की जाएगी। बैठक में निर्णय के अनुसार 5 जनवरी के बाद का नया वरीयता क्रम तय किया जाएगा। हालांकि अभी तक जल संसाधन विभाग की ओर से 5 जनवरी के बाद के रेगुलेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
अक्टूबर माह में हुई बैठक में जल संसाधन विभाग की ओर से 5 जनवरी तक आईजीएनपी की नहरों को चार में से दो ग्रुप में चलाने का वरीयता क्रम घोषित किया था। इस बैठक में तय हुआ था कि ड्राई ईयर इन-फ्लो कम रहने की स्थिति में वरीयता क्रम बदलकर 3 में से 1 ग्रुप की नहरें चलाई जाएगी। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई थी। अब तक ड्राई ईयर इन-फ्लो कम रहा है। ऐसे में तीन में से 1 ग्रुप की नहरें चलाने का वरीयता क्रम लागू होने के आसार है। मौजूदा रेगुलेशन के अनुसार किसानों को 17 दिन के अंतराल से पानी मिल रहा है। अगर वरीयता क्रम बदला गया कि 25 दिनों के अंतराल से किसान के खेत में पानी पहुंचेगा। इंदिरा गांधी नहर परियोजना के पानी का शेयर पौंग बांध के जल स्तर के आधार पर निर्धारित होता है।
प्रत्येक वर्ष 20 सितंबर के जल स्तर को आधार मानते हुए पानी का हिस्सा तय होता है। पिछले वर्षों का आकलन कर ड्राई ईयर में आने वाले पानी का अनुमान लगाया जाता है। अनुमान के मुताबिक बांधों में पानी की आवक होने पर रेगुलेशन यथावत रखा जाता है। अगर पानी कम होता है तो शेयर भी कम होता है और किसानों को कम पानी मिलता है। अनुमान से ज्यादा पानी आने की स्थिति में कृषकों को अधिक पानी भी मिल सकता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जल्द ही जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें बांधों के जल स्तर और पानी की आवक के बारे में सदस्यों को अवगत करवाया जाएगा। इसके बाद सभी की सहमति के अनुसार 5 जनवरी के बाद के रेगुलेशन का निर्धारण किया जाएगा।
अगर जनवरी में बांधों के कैचमेंट एरिया में बारिश हो जाती है और आवक बढ़ती है तो कृषकों को फिर आगे चार में से दो ग्रुप की नहरें चलाकर भी पानी दिया जा सकता है। बांधों में पानी की आवक से ज्यादा निकासी के कारण जल स्तर घट रहा है। 7 दिनों में पौंग बांध का जल स्तर लगभग 3 फीट और भाखड़ा बांध का जल स्तर 4 फीट कम हुआ है। 12 दिसंबर को पौंग बांध का जल स्तर 1369.39 फीट दर्ज किया गया। पानी की आवक 3190 क्यूसेक और निकासी 12521 क्यूसेक हो रही थी।
19 दिसंबर को पौंग बांध का जल स्तर घटकर 1366.93 फीट पर पहुंच गया। इस दिन पानी की आवक 3511 क्यूसेक और निकासी 12323 क्यूसेक हो रही थी। वहीं भाखड़ा बांध का जल स्तर 19 दिसंबर को 1656.54 फीट दर्ज किया गया। पानी की आवक 7218 क्यूसेक और निकासी 17200 क्यूसेक हो रही थी। बांधों में मानसून अवधि के बाद दिसंबर और जनवरी माह में पानी की अच्छी आवक होती है। जब दिसंबर-जनवरी में अनुमान के मुताबिक पानी आता है तो आईजीएनपी क्षेत्र के कृषकों को लाभ होता है। पानी की आवक कम होने की स्थिति में जल परामर्शदात्री समिति की बैठक बुलाकर समीक्षा की जाती है।
