
श्रीकरणपुर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक जर्मन दंपति को अवैध रूप से ठहराने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई थाने के उपनिरीक्षक माला सिंह की रिपोर्ट पर अप्रवास विदेशी विषयक अधिनियम 2025 के तहत की गई है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित श्रीकरणपुर क्षेत्र में विदेशी नागरिकों के आगमन पर सख्त प्रतिबंध हैं। यदि कोई विदेशी नागरिक यहां आता है, तो उसके लिए कड़े नियम लागू होते हैं।
इसके बावजूद जर्मन दंपति श्रीकरणपुर पहुंचा और सूत्रों के अनुसार गांव 16 एस माझीवाला के सीमावर्ती क्षेत्र में भी घूमकर आया था। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद सहित जागरूक लोगों की सूचना पर चल रहे धर्मांतरण के खेल पर पुलिस ने दबिश दी थी।
पूर्व में शरद गुंबर की रिपोर्ट पर धर्मांतरण के नए कानून के तहत एक मुकदमा दर्ज किया गया था। अब उपनिरीक्षक माला सिंह ने विदेशी नागरिकों को यहां ठहराने और उनके खाने-पीने की व्यवस्था करने वाले युवक के खिलाफ अलग से मामला दर्ज कराया है।
उपनिरीक्षक माला सिंह ने धारा 170 बीएनएसएस में गिरफ्तार बलजिंदर सिंह और राजेश कंबोज से पूछताछ की। जर्मन निवासी सेवनबोस बैटसलर पुत्र रिगो बैटसलर और उनकी पत्नी सांडर बैटसलर को राजेश कुमार कंबोज ने श्रीकरणपुर के कचीथेड़ी स्थित अपने मकान में तीन-चार दिन तक ठहराया था।
राजेश कुमार कंबोज ने इन विदेशी नागरिकों को रहने और खाने-पीने की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। राजेश पॉपी द्वारा अपने रिहायशी मकान में सीमावर्ती क्षेत्र में नियम विरुद्ध विदेशी नागरिकों को ठहराने और इसकी सूचना एफआरओ (विदेशी पंजीकरण अधिकारी) या स्थानीय पुलिस प्रशासन को नहीं देने का यह कृत्य धारा 8/23 अप्रवास व विदेशी विषयक अधिनियम 2025 के तहत दंडनीय है। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार जांच थानाधिकारी को सौंपी गई है।
