
टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत ने 15 प्लेयर्स का स्क्वॉड रिलीज कर दिया। सिलेक्शन कमेटी ने सभी को चौंकाते हुए उप कप्तान शुभमन गिल को ही ICC टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उनकी जगह अब विकेटकीपर संजू सैमसन ओपनिंग करते नजर आएंगे, लेकिन बैकअप ओपनर के रूप में यशस्वी जायसवाल को मौका नहीं मिला।
यशस्वी की जगह सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर ईशान किशन को जगह मिल गई। ईशान ने 500 से ज्यादा रन बनाकर अपनी कप्तानी में झारखंड को चैंपियन भी बनाया। उनके शामिल होने से विकेटकीपर जितेश शर्मा को भी जगह नहीं मिली। वहीं रिंकू सिंह को मौका मिल गया
स्टोरी में यशस्वी को बाहर करने के कारणों की पड़ताल करते हैं…
यशस्वी की दावेदारी क्यों मजबूत थी?
यशस्वी जायसवाल ने अगस्त 2023 में भारत के लिए टी-20 डेब्यू कर लिया था। दूसरे ही मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 84 रन बना दिए। फिर अपने छठे ही मुकाबले में शतक जड़ दिया। ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्हें लगातार मौका मिला। उन्होंने इनमें 4 फिफ्टी भी लगाई।
भारत के लिए लगातार टी-20 सीरीज खेलने के बाद उन्हें 2024 के वर्ल्ड कप में शामिल कर लिया गया। हालांकि, रोहित शर्मा और विराट कोहली के कारण उन्हें न तो ओपनिंग करने का मौका मिला और न ही प्लेइंग-11 में जगह मिल पाई। वर्ल्ड कप जिताकर दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने संन्यास ले लिया। ऐसे में उम्मीद की गई कि यशस्वी टी-20 टीम के परमानेंट मेंबर बन जाएंगे, लेकिन पिछले 18 महीने में वे 3 ही टी-20 खेल सके।
यशस्वी जायसवाल ने 30 जुलाई 2024 को भारत के लिए आखिरी टी-20 खेला था। तब श्रीलंका में सीरीज के दौरान उन्होंने तीनों मुकाबलों में शुभमन गिल के साथ ओपनिंग करते हुए 80 रन बनाए थे। टीम इंडिया से बाहर रहने के दौरान उन्होंने IPL और सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी (SMAT) में लगातार परफॉर्म किया।
यशस्वी ने IPL के पिछले 3 सीजन में 1500 से ज्यादा रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 2 सेंचुरी लगाई और उनका स्ट्राइक रेट 160 से भी ज्यादा का रहा। इतना ही नहीं, पिछले दिनों खत्म हुई SMAT में हरियाणा के खिलाफ उन्होंने महज 49 गेंद पर शतक भी लगाया था। ऐसे में टी-20 टीम में बतौर ओपनर उनकी दावेदारी मजबूत थी।
2024 टी-20 वर्ल्ड कप के बाद शुभमन गिल को भारत की टी-20 टीम का उप कप्तान बनाया गया। 2025 में उन्हें टेस्ट और वनडे टीम की परमानेंट कप्तानी भी सौंप दी गई। टीम मैनेजमेंट गिल को तीनों फॉर्मेट में स्थापित करना चाह रहा था। हालांकि, अगस्त 2024 से अगस्त 2025 तक 13 महीनों में उन्होंने एक भी टी-20 मुकाबला नहीं खेला।
गिल और यशस्वी की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की। सैमसन ने 3 और अभिषेक ने 2 शतक लगा दिए। लंबे समय तक टी-20 टीम से बाहर रखने के बावजूद मैनेजमेंट ने गिल को एशिया कप के लिए टीम में शामिल कर लिया। चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा कि शुभमन और यशस्वी बाकी फॉर्मेट खेलने में बिजी थी, इसलिए सैमसन ओपनिंग कर रहे थे।
चीफ सिलेक्टर ने यशस्वी का बचाव जरूर किया था, लेकिन उन्हें एशिया कप की टीम में मौका नहीं दिया। अभिषेक ने यशस्वी की जगह छीन ली। दूसरी ओर उप कप्तान गिल ने 4 महीने में 15 टी-20 खेल लिए, लेकिन एक में भी वे फिफ्टी नहीं लगा सके। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 138 से भी कम रहा।
साउथ अफ्रीका सीरीज के आखिरी टी-20 में गिल इंजर्ड हो गए, उनकी जगह विकेटकीपर सैमसन को फिर से ओपनिंग करने का मौका मिल गया। उन्होंने 168 के स्ट्राइक रेट से 37 रन बना दिए। अगले दिन वर्ल्ड कप की टीम अनाउंस हुई, गिल को बाहर कर दिया गया और सैमसन को बतौर ओपनर जगह मिल गई।
वर्ल्ड कप टीम में बैकअप ओपनर के रूप में विकेटकीपर ईशान किशन को शामिल किया गया। वहीं फिनिशर पोजिशन पर विकेटकीपर जितेश शर्मा को बाहर कर रिंकू सिंह को जगह मिली। अगरकर ने कहा कि मैनेजमेंट को ओपनिंग पोजिशन के लिए विकेटकीपर की ही जरूरत है। इसलिए सैमसन के साथ ईशान को मौका मिला।
जितेश पर अगरकर ने कहा कि टीम में 2 विकेटकीपर काफी हैं। फिनिशर पोजिशन के लिए रिंकू की दावेदारी जितेश से मजबूत है, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी गई। यानी वर्ल्ड कप में अभिषेक और सैमसन ओपनिंग करते नजर आएंगे। वहीं ईशान बतौर बैकअप विकेटकीपर और बैकअप ओपनर टीम का हिस्सा हैं। यशस्वी अगर बैटिंग के साथ विकेटकीपिंग करते तो जरूर उन्हें टीम में मौका मिल जाता।
सिलेक्टर्स की मानें तो ईशान अगर SMAT में अच्छा प्रदर्शन नहीं भी करते तो टीम ऋषभ पंत या केएल राहुल जैसे विकेटकीपर को भी बैकअप के रूप में चुन सकती थी। जो टॉप ऑर्डर में योगदान देते हैं। वहीं रिंकू का सिलेक्शन उनकी फिनिशिंग स्किल्स के कारण ही हो सका। जितेश ने भी कुछ खराब नहीं किया था, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन के कारण उन्हें बाहर करना पड़ा।अभिषेक शर्मा। जुलाई 2024 में जब यशस्वी ने आखिरी टी-20 खेला था, तब अभिषेक अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए थे। यशस्वी के टीम से बाहर रहने के दौरान अभिषेक ने इंग्लैंड के खिलाफ शतक लगाने के साथ बाकी मुकाबलों में 6 फिफ्टी भी लगा दी। एशिया कप में वे तो प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुने गए, इनमें पाकिस्तान के खिलाफ अहम फिफ्टी भी शामिल रही।
अभिषेक ने ओपनर्स की एक पोजिशन पर कब्जा जमा लिया। उनके 188 प्लस के स्ट्राइक रेट और बड़े-बड़े शॉट्स लगाने की क्षमता ने उन्हें प्लेइंग-11 का परमानेंट मेंबर बना दिया। इसके साथ ही वे लेफ्ट आर्म स्पिन बॉलिंग भी कर लेते हैं। यशस्वी तभी स्क्वॉड को हिस्सा बनते, जब अभिषेक खराब प्रदर्शन करते। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और यशस्वी टीम में जगह भी नहीं बना पाए।टीम मैनेजमेंट ने उप कप्तान शुभमन गिल को खराब फॉर्म के कारण ही बाहर किया। यशस्वी वर्ल्ड कप तो नहीं खेल पाएंगे, लेकिन उसके बाद जरूर उन्हें मौका मिल सकता है। टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव लीडरशिप में तो चमक रहे हैं, लेकिन उनकी बैटिंग बुरी तरह फ्लॉप रही है।
अगर सूर्या वर्ल्ड कप में भी अपना फॉर्म हासिल नहीं कर सके तो टूर्नामेंट के बाद उन्हें बाहर कर यशस्वी जायसवाल को टीम में मौका दिया जा सकता है। उस कंडीशन में अभिषेक और यशस्वी ओपनिंग करेंगे, वहीं सैमसन नंबर-3 पर बैटिंग करने के लिए उतर सकते हैं। सूर्या 35 साल के हैं और खराब फॉर्म को देखते हुए अगला ICC टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टी-20 वर्ल्ड कप भी साबित हो सकता है।23 साल के यशस्वी ने 2023 में टेस्ट डेब्यू भी किया था। वे रेड बॉल क्रिकेट में तो अपनी जगह पक्की कर चुके हैं, लेकिन टी-20 और वनडे टीम में स्थापित नहीं हो सके। टी-20 में अभिषेक शर्मा ने उनकी जगह छीन ली, वहीं वनडे में वे इसी साल डेब्यू कर सके। हालांकि, उन्हें 50 ओवर फॉर्मेट में तभी मौका मिलेगा, जब नंबर-1 वनडे बैटर रोहित शर्मा संन्यास लेंगे। जो अगले 2 साल तक होना मुश्किल लग रहा है।
