
गांधीनगर फुट ओवरब्रिज को लेकर चल रहा विवाद गहरा गया है। इस बीच दो पूर्व पार्षद एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मामले को तूल दे रहे हैं। इस बीच सोमवार को दूसरे पक्ष की ओर से पूर्व पार्षद गुरदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में वार्डवासियों ने विरोध दर्ज करवाया।
नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित फुट ओवरब्रिज का सपना अब साकार होने की दिशा में था, लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण निर्माण कार्य को बीच में ही रोक दिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है। गांधीनगर क्षेत्र में वार्डवासियों ने पूर्व पार्षद गौरव जैन के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि फुट ओवरब्रिज को नगर परिषद की खाली भूमि में ही उतारा जाए, ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके और यातायात व्यवस्था भी बाधित न हो। लोगों ने कहा कि रेलवे भूमि में पहले से ही पार्किंग सहित पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। गांधीनगर क्षेत्र में फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य कई दिनों से ठप है। यह पुल नगर परिषद की खाली भूमि में उतरने के लिए ही डिजाइन किया गया था, जहां आसपास पार्किंग व अन्य सुविधाएं मौजूद हैं। इसी बीच कुछ लोगों ने आपत्ति जताते हुए पुल के डिजाइन में बदलाव की मांग की और उसे सीधे मोहल्ले के बीच उतारने का दबाव बनाया। इसी विरोध के चलते निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रुक गया, जिससे वार्डवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
बराड़- रेलवे भूमि में उतरे पुल, कुछ लोग गुमराह कर रहे पूर्व पार्षद गुरदीप सिंह बराड़ बब्बी ने कहा कि यह पुल पिछले 8 वर्षों की मेहनत का प्रतीक है। वार्ड के हजारों लोगों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यह फुट ओवरब्रिज अत्यंत आवश्यक है। यदि पुल को मोहल्ले के बीच उतारा गया तो इससे यातायात बाधित होगा, दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ेगी और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पूर्व पार्षद लोगों और अधिकारियों को गुमराह कर विकास कार्य बाधित कर रहे हैं।
