
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 754 (वर्तमान 754-ए) अमृतसर-जामनगर भारतमाला परियोजना के अंतर्गत संगरिया-रासीसर खंड में किसानों के आवागमन मार्ग बंद होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस समस्या को लेकर हनुमानगढ़ के चक 1 सीएस व तहसील पीलीबंगा के चक नंबर 2 सीएस के काश्तकारों ने जिला कलेक्टर ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 754-ए एवं उससे संबंधित रेस्ट एरिया के निर्माण से पूर्व उनके खेतों एवं ढाणियों तक पहुंचने के लिए जाखड़ांवाली-चौहिलांवाली मुख्य सड़क से विधिवत स्वीकृत रास्ता उपलब्ध था। लेकिन भारत माला परियोजना के तहत सड़क और रेस्ट एरिया के निर्माण के बाद यह रास्ता पूरी तरह समाप्त हो गया। इससे किसानों का खेतों तक आवागमन अवरुद्ध हो गया है। ज्ञापन में बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक द्वारा 8 दिसंबर 2025 को किए गए इकरारनामे में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि यदि पूर्व स्वीकृत रास्ता समाप्त होता है तो खेतों तक आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अनुबंध के अनुसार चक 1 सीएस के मुरब्बा नंबर 10 तथा चक 2 सीएस के मुरब्बा नंबर 23 व 24 के माध्यम से रास्ता दिया जाना था, ताकि भारत माला सड़क एवं रेस्ट एरिया के दोनों ओर से किसानों का आवागमन सुचारू बना रहे। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, रविंद्र बेनीवाल, मोहनलाल गोदारा, ओमप्रकाश कुलड़िया, हरलाल गोदारा, भंवरलाल बिस्सु, राजेंद्र गोदारा, उदयपाल गोदारा, मौजूद रहे।
