
हनुमानगढ़ इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में 4 जनवरी से लागू होने वाले रेगुलेशन पर निर्णय हो गया। सिंचाई विभाग के सभागार में शनिवार को हुई जल परामर्शदात्री समिति की बैठक चीफ इंजीनियर प्रदीप रुस्तगी की अध्यक्षता में हुई। विधायकों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण बैठक 11 बजे की बजाए करीब सवा एक बजे शुरू हुई।
संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां, पीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल, रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक, अनूपगढ़ विधायक शिमला नायक, सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने 4 में से 2 ग्रुप की नहरें चलाने की मांग दोहराई। 2 घंटे हुए मंथन के बाद 21 जनवरी तक रेगुलेशन यथावत रखते हुए 4 में से 2 ग्रुप और फिर 13 मार्च तक 3 में से 1 ग्रुप में नहरें चलाकर सिंचाई पानी चलाने पर सहमति बनी। यानी अब 4 में से 2 समूह में एक बारी और 3 में से 1 ग्रुप में 2 बारी मिलेगी। 4 में से 2 समूह में नहरें चलने से सरसों में एक सिंचाई और हो जाएगी। सरसों को पाला मारने का भी अंदेशा नहीं रहेगा। गेहूं की फसल के लिए 2 बारी और मिलेगी। इससे पकाव पर संकट रहेगा। गेहूं को मार्च में पकाव के समय भी पानी की आवश्यकता होती है। बैठक में एसडीएम मांगीलाल सुथार, एसई शिवचरण रेगर रामाकिशन, केएल बैरवा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, किसान नेता अमित कोचर, गुरविंद्र सिंह मौजूद रहे। बैठक में विधायकों और किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि पानी और खून की नदियां एक साथ नहीं बहेगी। पानी की एक बूंद पाकिस्तान नहीं जाने देंगे। जबकि बांधों से पानी पाकिस्तान जाता है और यहां के किसान सड़कों पर संघर्ष करते हैं।
किसान नेता अमित कोचर ने कहा कि अगर मांग के अनुरूप पानी नहीं मिला तो यहां खून की नदियां बहेगी। विधायक विनोद गोठवाल, सोहन नायक, शिमला नायक, अभिमन्यु पूनियां व डूंगरराम गेदर ने कहा कि सरसों और गेहूं को जनवरी माह में पानी की आवश्यकता है। जनवरी में पानी नहीं मिला तो सरसों को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए चार में से दो समूह में नहरें चलाकर पानी दिया जाए ताकि सरसों की फसल तो बच जाए। विधायकों ने कहा कि खरीफ की फसलें भी नष्ट हो गई थी। अब पानी नहीं मिला तो रबी की फसलें खराब हो जाएगी। आखिरकार जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुहर लगाते हुए विभाग ने एक बारी 4 में से 2 समूह में नहरें चलाकर देने पर सहमति जताई। जल परामर्शदात्री समिति की बैठक करीब सवा दो घंटे देरी से शुरू हो पाई। 11 बजे का समय निर्धारित था। रायसिंहनगर विधायक सबसे लास्ट में करीब दो बजे पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 11 बजे बैठक बुलाने के समय पर सवाल किया।
अधिकारियों व अन्य विधायकों ने कहा कि आपके इंतजार में बैठक तो दो-ढाई घंटे देरी से शुरू हुई है। सत्तापक्ष के प्रतिनिधियों की गैर मौजूदगी कांग्रेस को अखरी, भाकिसं कोषाध्यक्ष व विधायक आपस में उलझे आईजीएनपी में जल वितरण के लिए गठित जल परामर्शदात्री समिति की बैठक में हनुमानगढ़, संगरिया, पीलीबंगा, नोहर, सूरतगढ़, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, खाजूवाला, लूणकरणसर के विधायक और श्रीगंगानगर के सांसद सदस्य हैं। लूणकरणसर से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा और खाजूवाला से डॉ. विश्वनाथ मेघवाल विधायक हैं। हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल द्वारा भाजपा को समर्थन दिया गया है। विधायक अभिमन्यु पूनियां ने कहा कि सत्तापक्ष का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। अगर वे बैठक में आते तो किसानों की बात आसानी से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि भाजपा के नेता किसान हितों को लेकर गंभीर नहीं है। बैठक में रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक पहुंचे तो उन्होंने कहा कि आज भारतीय किसान संघ का कोई नहीं आया क्या? फिर एक किसान नेता कहा कि संघ वाले कोई नहीं आए। इस दौरान भारतीय किसान संघ के हनुमानगढ़ तहसील कोषाध्यक्ष रामेश्वर सुथार ने कहा कि 2019 में कांग्रेस की सरकार थी और किसानों को पानी मिला था क्या।
इस मुद्दे पर अन्य लोगों ने भी बोलना शुरू कर दिया और कहा कि आप स्पष्ट करो कि अधिकारियों के साथ हो या किसानों के। यहां सरकार की नहीं किसान हित की बात हो रही है। जनवरी में सिंचाई होने से सरसों पक जाएगी, गेहूं के लिए पानी पर्याप्त नहीं: 4 जनवरी से 13 मार्च तक कुल 3 बारी मिलेगी। एक बारी से किसान सरसों में सिंचाई करेंगे। इससे सरसों की फसल आसानी से पक जाएगी। फिर दो बारी और मिलेगी। इससे गेहूं पक नहीं पाएगी।
उदाहरण के तौर पर किसी किसान ने 25 बीघा जमीन में गेहूं की बिजाई की है। एक बारी में 8 से 10 बीघा ही सिंचाई होती है। ऐसे में कृषकों को ट्यूबवैलों से ही सिंचाई करनी पड़ेगी। सबसे बड़ी बात रेगुलेशन 13 मार्च को खत्म हो जाएगी, जबकि गेहूं को पकाव के लिए 20 मार्च तक सिंचाई पानी की जरूरत होती है।
