
जिले में शनिवार को आखिरकार धूप खिली। हालांकि, धूप निकलने के बावजूद शीतलहर का प्रकोप कम नहीं हुआ। न्यूनतम तापमान गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सर्दी ने लोगों के हाड़ कंपा दिए। बता दें कि सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन बनी रही। ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए, ठंड के कारण बाजारों और सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह ठंड फसलों के लिए फिलहाल लाभकारी मानी जा रही है, खासकर गेहूं और सरसों की फसल को इससे फायदा होगा। पड़ताल: हिमालय पर बर्फबारी, यहीं से सर्द हवाएं जिले में प्रवेश कर रहीं: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सक्रिय विक्षोभ के कारण भारी हिमपात दर्ज किया जा रहा है। इसी बर्फबारी का सीधा असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। हिमालय से निकलने वाली ठंडी और शुष्क हवाएं राजस्थान की ओर तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। एक्सपर्ट: न्यूनतम पारा 1-2 डिग्री और गिरेगा जिले में ठंड का असर अभी और बढ़ने वाला है। उत्तर भारत में सक्रिय शीतलहर और हिमालय क्षेत्र में जारी बर्फबारी के चलते आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड बनी रहेगी, जबकि सर्द हवाओं के कारण दिन में भी ठिठुरन महसूस होगी। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के लिए सुबह-शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। डॉ. राधेश्याम शर्मा, मौसम वैज्ञानिक। सर्दी बढ़ने के साथ पक्षियों का झुंड सुरक्षा के लिए पेड़ों की शाखाओं पर एक साथ जम गया। दूर से यह नजारा पेड़ पर लगे पत्तों जैसा दिखता है, जबकि वास्तव में ये ठंड से बचने के लिए सिमटकर बैठे पक्षी हैं।
