
अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के ‘योगक्षेम अणुव्रत संगठन यात्रा’ के तहत शनिवार को श्रीगंगानगर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। श्री आत्मवल्लभ जैन कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लूनिया ने कहा कि अणुव्रत के छोटे-छोटे संकल्प जीवन की दिशा और दशा बदलने में सक्षम हैं। इस अवसर पर जैन आईटीआई में देश के पहले ‘अणुव्रत पुस्तकालय’ और महाविद्यालय परिसर में ‘अणुव्रत वाटिका’ का लोकार्पण किया गया। डॉ. लूनिया ने उपस्थित जनों को अणुव्रत के संकल्प दिलाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरचंद बोरड़ ने की। इस दौरान राष्ट्रीय संयोजक विनोद बच्छावत और डॉ. नीलम जैन ने भी विचार व्यक्त किए। आयोजन में पूर्व न्यायाधीश विष्णुदत्त शर्मा, नरेश बांठिया और विमल कोटेचा सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
