
स्थानीय तेरापंथ सभा के तत्वावधान में आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री सूरज प्रभा जी ठाणा-3 के पावन सानिध्य में दंपति कार्यशाला का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यशाला की शुरुआत मंगलाचरण से साध्वी नैतिक प्रभा जी द्वारा की गई। इस अवसर पर लगभग 60 दंपतियों ने सहभागिता कर वैवाहिक जीवन में सामंजस्य, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यशाला में साध्वी डॉ. लावण्ययशा जी ने प्रभावी संचार, भावनात्मक जुड़ाव की क्षमता, आभार की भावना तथा पति-पत्नी के आपसी सामंजस्य के साथ परिवार एवं बच्चों के साथ संतुलित संबंध कैसे स्थापित किए जाएं, इन विषयों पर अत्यंत प्रभावशाली एवं व्यावहारिक ढंग से प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन में संवाद और संवेदनशीलता को सुखी दांपत्य जीवन की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम में आयुर्वेद विभाग से जुड़े डॉ. किशोर ने विभिन्न प्रैक्टिकल प्रयोगों के माध्यम से अपने विचार साझा किए, जिससे प्रतिभागियों को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यशाला में पति-पत्नी जोड़ों के साथ-साथ तेरापंथ सभा, युवक परिषद एवं महिला मंडल के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
साध्वी श्री जी के चातुर्मास की संपन्नता के अवसर पर मंगल भावना कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। मंगलाचरण श्रीमती नीलम बांठिया ने किया, जबकि तेरापंथ महिला मंडल द्वारा विदाई अवसर पर सुंदर गीतिका की प्रस्तुति दी गई। सभा अध्यक्ष संजय बांठिया ने गुरुदेव एवं साध्वी श्री जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाज का सौभाग्य है कि लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद गुरुदेव की कृपा से चातुर्मास का लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने पूरे श्रावक समाज के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही यह प्रवास सफल हो पाया।
विदाई अवसर पर सुश्री क्रियांशी संकलेचा ने मधुर स्वर में विदाई गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. पारस जैन, राजेंद्र बैद, महिला मंडल अध्यक्ष संतोष बांठिया, सुशील पारख, नवरत्न बांठिया, महेश भादानी, राजकुमार बांठिया, राजेंद्र बोथरा, संजीव बांठिया, नरेश सकलेचा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। पूर्व आंचलिक अध्यक्ष सुरेंद्र कोठारी ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साध्वी श्री जी के प्रवास से हनुमानगढ़ क्षेत्र में व्यापक धर्म जागृति हुई है और ऐसे चरित्रवान संतों का प्रवास आगे भी मिलता रहे, यही कामना है।
साध्वी श्री नैतिक प्रभा जी ने इस क्षेत्र को उर्वर बताते हुए कहा कि श्रावक समाज में जो धर्म चेतना जागृत हुई है, वह निरंतर बनी रहे। साध्वी डॉ. लावण्ययशा जी ने हनुमानगढ़ के श्रावक समाज को ऊर्जावान एवं धर्म संघ के प्रति सच्ची श्रद्धा रखने वाला बताया और गुरुदेव की आज्ञानुसार इंगित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान समाज की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। स्केटिंग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतने पर हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी प्रियंका राखेचा (पुत्री रंजीत राखेचा) को सम्मानित किया गया। वहीं पर्यावरणीय न्याय एवं शोध पर केंद्रित पुस्तक में लेख चयनित होने पर सुचिता जैन (पत्नी विनय जैन) को तेरापंथ सभा एवं महिला मंडल द्वारा सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि उक्त पुस्तक का लोकार्पण मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई द्वारा किया गया था।
मंच संचालन सभा मंत्री मनोज राखेचा ने किया। उन्होंने गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए साध्वी श्री जी के मंगल प्रवास की कामना की एवं समस्त श्रावक समाज का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातः साध्वी श्री जी तेरापंथ सभा से विहार कर डॉ. पारस जैन के निवास पधारी, जहां बड़ी संख्या में श्रावक समाज साथ रहा। इसके पश्चात हनुमानगढ़ जंक्शन में साध्वी श्री कनक रेखा जी ठाणा-4 का भी डॉ. पारस जैन के निवास पर विहार करके पधारी, जहां आध्यात्मिक मिलन के साथ पूरे श्रावक समाज ने साध्वी श्री जी का आत्मीय स्वागत किया।
