
ग्राम पंचायत 2 के एन.जे में लंबे समय से बंद पड़े प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्र को पुनः शुरू करवाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन ग्रामवासियों ने रणवीर सिहाग के नेतृत्व में प्रस्तुत किया, जिसमें क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि 2 के एन.जे में प्राथमिक उपस्वास्थ्य केन्द्र पूर्व में सुचारु रूप से संचालित हो रहा था, जिससे आसपास के ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो जाती थीं। कुछ समय पूर्व यहां कार्यरत चिकित्सक का तबादला हो जाने के बाद यह उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद हो गया, जिसके कारण गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगभग 80 प्रतिशत आबादी मजदूर वर्ग की है, जिनके पास निजी साधनों की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। उपस्वास्थ्य केन्द्र बंद होने के कारण ग्रामीणों को दवा एवं उपचार के लिए मक्कासर या हनुमानगढ़ जंक्शन तक जाना पड़ता है। कई बार आर्थिक तंगी के चलते ग्रामीण पैदल ही इन स्थानों तक जाने को मजबूर होते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति और भी कठिन हो जाती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में बंद पड़े उपस्वास्थ्य केन्द्र के स्टोर रूम में दवाइयों का भारी मात्रा में स्टॉक मौजूद है, जिसकी कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि अस्पताल बंद रहने से यह दवाइयां खराब होने की आशंका बनी हुई है, जो सरकारी संसाधनों की बर्बादी के समान है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि जल्द से जल्द उपस्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की नियुक्ति की जाए, ताकि अस्पताल को पुनः संचालित किया जा सके। इससे गांव के गरीब एवं आमजन को अपने ही गांव में प्राथमिक उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध हो सकेंगी।
रणवीर सिहाग ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव किसी भी गांव के लिए गंभीर समस्या है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा। इस मौके पर रणवीर सिहाग, वेद मक्कासर, राजेंद्र सुथार उत्तम नेहरा मंगतू राम पूनिया गुरदीप सिंह व अन्य ग्रामीण मौजूद थे
