
राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेदिक क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा शिविर में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। आज दिनांक 6 जनवरी 2026 तक शिविर में अर्श (बवासीर) एवं भगंदर से पीड़ित कुल 104 रोगियों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। आयुर्वेदिक क्षार सूत्र पद्धति से किए गए इन ऑपरेशनों से रोगियों को बिना किसी गंभीर दुष्प्रभाव के राहत मिली है।
शिविर में अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा समर्पित भाव से सेवाएं दी जा रही हैं। शल्य चिकित्सा में डॉ. पंकज पोटलिया, डॉ. हरवीर चौधरी, डॉ. डी.सी. सारस्वा, डॉ. देवेन्द्र भांभु, डॉ. ईश्वर सुंडा अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं आयुर्वेद विद कर्म एवं अग्नि कर्म चिकित्सा के विशेषज्ञ डॉ. बलदेव एवं डॉ. राजन सेतिया भी रोगियों का सफल उपचार कर रहे हैं।
इसके साथ ही स्त्री रोग एवं अन्य चिकित्सा सेवाओं में डॉ. पलक, डॉ. दीप्ति, डॉ. वर्षा, डॉ. सज्जन ढाका, डॉ. मुकेश, डॉ. सत्यप्रकाश, डॉ. कुलदीप एवं डॉ. मनोहर स्वामी भी शिविर में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। चिकित्सकों की इस संयुक्त टीम के प्रयासों से शिविर में उपचार व्यवस्था सुचारु और प्रभावी बनी हुई है।
आज शिविर में सेवा भावना का उदाहरण उस समय देखने को मिला जब सुरेश चाहर, निवासी पीरकामडिया द्वारा भर्ती सभी रोगियों को फल वितरित किए गए। इसके अलावा राजेन्द्र स्वामी, डॉ. रामेश्वर भांभु एवं डॉ. प्रेमरंजन महर्षि द्वारा भी रोगियों को फल वितरित कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। रोगियों ने सेवा कार्यों के लिए सभी समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया।
शिविर प्रभारी चिकित्सकों ने बताया कि शिविर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में रोगी पहुंच रहे हैं और सभी को समुचित परामर्श, जांच एवं उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा पद्धति से कम समय में बेहतर परिणाम मिलने से लोगों का आयुर्वेद के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
उल्लेखनीय है कि यह 10 दिवसीय निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर मंगलवार को विधिवत रूप से संपन्न होगा। शिविर के सफल आयोजन से हनुमानगढ़ जिले के सैकड़ों रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिला है और यह शिविर जनसेवा की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में याद किया जाएगा।
