
श्रीगंगानगर| पुरानी आबादी वार्ड नं. 16 में स्थित बाबा बालक नाथ डेरे में चल रही जलधारा तपस्या का 24वां दिन उत्साह और श्रद्धा के साथ बीता। सुबह 5 बजे से ही भगवान शिव की भजनों से टीला गूंज उठा। 121 कोरे मटकों के ठंड पानी से बाबा दिवाली नाथ अपनी तपस्या कर रहे हैं। तपस्या का समापन 1 फरवरी को होगा। समापन समारोह में विभिन्न राज्यों से अनेक साधु-संत आने आएंगे। श्रद्धालुओं और यात्रियों ने तपस्या स्थल पर पहुंचकर बाबा के आशीर्वाद लिया। सुबह से ही भजनों और कीर्तन कीर्तन की ध्वनि पूरे क्षेत्र में गूंज रही थी। बाबा ने बताया कि तपस्या के दौरान लोगों को धर्म और साधना की प्रेरणा मिल रही है।
डेरे में बन रही नई लाइब्रेरी व छात्रावास : टीले के महंत बाबा दिवाली नाथ ने बताया कि डेरे में पहले से ही एक लाइब्रेरी संचालित है, जिसमें 37 सीटें हैं। अब दूसरी लाइब्रेरी बनकर तैयार हो रही है और 1 फरवरी से इसे शुरू किया जाएगा। वहीं, जरूरतमंद छात्रों के लिए होस्टल भी बन रहा है। इसमें नाममात्र के शुल्क पर छात्र रह सकेंगे। डेरे का यह प्रयास न केवल धार्मिक है, बल्कि शिक्षा और सामाजिक सेवा से भी जुड़ा हुआ है। बाबा दिवाली नाथ का उद्देश्य युवाओं को अध्ययन और साधना दोनों के लिए प्रेरित करना है।
