
श्रीगंगानगर । इस सेवा में जुटी हुई है संस्था के 5 लोगों की टीम संस्था के सेवादार सुरेंद्र चनाणी बताते हैं कि बीमारी के वक्त सही उपकरण मिल जाना किसी जीवनदान से कम नहीं होता। हम चाहते हैं कि शहर का हर नागरिक इस मुहिम का हिस्सा बने ताकि हम अधिक से अधिक लोगों की सेवा कर सकें। इस सेवा में संस्था के 5 लोगों की टीम जुटी हुई है। इस टीम में प्रवीण गोयल, पवन अग्रवाल, रिछपाल ढुंढाड़ा व निर्मल मित्तल शामिल हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में कोई भी व्यक्ति संसाधनों की कमी के कारण परेशान न हो।
सेवा का विस्तार इस तरह किया जा रहा है कि सूचना मिलते ही यथासंभव त्वरित सहायता पहुंचाई जा सके। भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर गंभीर बीमारी या दुर्घटना के समय जब परिवार मानसिक और आर्थिक दबाव में होता है, तब चिकित्सा उपकरणों का अभाव परेशानी को और बढ़ा देता है। ऐसे कठिन समय में शहर की श्रीबालाजी हेल्पलाइन जरूरतमंदों के लिए एक बड़े संबल के रूप में उभरकर सामने आई है। हेल्पलाइन की इस अनूठी सेवा के कारण अब मरीजों के परिजनों को व्हीलचेयर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सहित अन्य चिकित्सकीय सहायक जैसे महंगे उपकरणों के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा। इस सेवा को शुरू हुए अभी मात्र 6 महीने हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही यह सेवा शहर के 50 से अधिक मरीजों के लिए मददगार साबित हो चुकी है। वर्तमान में भी 15 से ज्यादा लोग इन निशुल्क उपकरणों का लाभ ले रहे हैं।
संस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे मरीजों की आवश्यकता को समझते हैं; कई मामलों में मरीज इन उपकरणों का लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनके परिवारों को हजारों रुपए के मासिक किराए से मुक्ति मिली है। अकसर देखा जाता है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद या घर पर इलाज के दौरान मरीजों को व्हीलचेयर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मेडिकल बेड और एयर बेड जैसी चीजों की सख्त जरूरत होती है। बाजार में इन उपकरणों का किराया काफी अधिक होता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती है। श्रीबालाजी हेल्पलाइन इन सभी उपकरणों को पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध करा रही है, ताकि धन के अभाव में किसी का इलाज न रुके।
