
श्रीगंगानगर| जिले में निरक्षरता को समाप्त करने व आमजन को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए संचालित उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआईएलपी) के तहत मंगलवार को जिला परिषद हॉल में एक दिवसीय जिला स्तरीय आमुखीकरण प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला ने जिले में साक्षरता अभियान को एक नई गति प्रदान की है। प्रशिक्षण का विधिवत शुभारंभ अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरीराम चौहान ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि व्यक्ति का सशक्तीकरण है।
इस कड़ी में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गिरजेशकांत शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, क्षमता वर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने आह्वान किया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर लर्नर्स और स्वयंसेवी शिक्षकों तक पहुंचाया जाए ताकि कोई भी शिक्षा से वंचित न रहे। अतिथि एडवोकेट सुप्रीमा चितलांगिया ने महत्वपूर्ण जीवन कौशल और कानूनी साक्षरता पर विशेष व्याख्यान दिया।
चितलांगिया ने वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौती साइबर अपराध पर प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वित्तीय और कानूनी साक्षरता जीवन रक्षक कवच की तरह है। फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे डरावने अपराधों से आमजन को बचाने के लिए हमें गांव-गांव तक जागरूकता की अलख जगानी होगी। गिरजेशकांत शर्मा, उपप्रधानाचार्य जगदीश कुमार, सहायक परियोजना अधिकारी रुबी वर्मा, सहायक लेखाधिकारी (प्रथम) अभिषेक ग्रोवर, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सुभाष ढाका आदि ने विभिन्न जानकारियां दी।
