
श्रीगंगानगर । पहली बार 500 मीटर लंबे तिरंगे के साथ निकाली यात्राजैसे ही यह 500 मीटर लंबा ध्वज सड़कों पर निकला, लोग अपनी छतों और दुकानों से बाहर निकल आए। पूरी यात्रा के दौरान भारत माता की जय… और वंदे मातरम… के नारों से वातावरण गूंजता रहा।
इस यात्रा को निकालने में शहर के लॉयंस क्लब विकास, रॉयल, विश्वास, सेंटर, क्लासिक, श्रीगंगानगर मेन व लॉयंस क्लब हनुमानगढ़ का सहयोग रहा।
बीसीए के संगीतज्ञ अनुराग कत्थक के मार्गदर्शन में 45 बच्चों ने वाद्ययंत्रों के माध्यम से वंदे मातरम व राष्ट्रगान की शानदार प्रस्तुत देकर समां बांधा। इस कार्यक्रम में सह प्रांतपाल आशुतोष, रीजनल चेयरमैन शैलेंद्र साहू, विमल बिहाणी, अरुण लोहिया, विनोद सेठी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर शहर में शनिवार को राष्ट्रभक्ति का एक ऐसा अनूठा दृश्य देखने को मिला जिसने हर नागरिक का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। अवसर था “वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्र गौरव अभियान का। इस अभियान के तहत लॉयंस इंटरनेशनल प्रांत 3233 ई-1 रीजन ज्येष्ठा की ओर से पहली बार निकाली गई 500 मीटर लंबी तिरंगा यात्रा ने शहर को पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। इस गौरव यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता 500 मीटर लंबा अखंड तिरंगा ध्वज रहा। आम तौर पर इतने विशाल ध्वज टुकड़ों को सिलकर तैयार किए जाते हैं, लेकिन इस ध्वज की खासियत यह है कि इसमें कहीं भी कोई जोड़ नहीं है। इस विशेष ध्वज को ग्वालियर के कुशल कारीगरों द्वारा मात्र 10 दिनों में दिन-रात की मेहनत से तैयार किया गया है। विधायक बिहाणी ने हरी झंडी दिखाकर ध्वज यात्रा को रवाना किया गया। सेठ सुशील कुमार बिहाणी क्रिकेट एकेडमी परिसर से रवाना हुई तिरंगा ध्वज यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई वापस क्रिकेट एकेडमी परिसर पहुंचकर विसर्जित हुई।
जोन चेयरमैन प्रथम अरूण लोहिया ने बताया कि इस यात्रा में 550 विद्यार्थियों ने तिरंगा अपने हाथों में थामा। यात्रा ने 2 घंटे में करीब ढाई किलोमीटर का सफर तय किया। इससे पहले बतौर मुख्य अतिथि विधायक जयदीप बिहाणी ने 26 जनवरी 2027 को लॉयंस क्लब आदि के सहयोग से 1,000 मीटर लंबी तिरंगा ध्वज यात्रा निकालने का आह्वान किया। इस कड़ी में लॉयंस क्लब के प्रांतपाल सुधीर वाजपेयी ने बताया कि 25 जनवरी को इसी 500 मीटर तिरंगे के साथ जयपुर में ध्वज यात्रा निकाली जाएगी।
