
श्रीगंगानगर । छुट्टी पर घर आया आर्मी का जवान 2 करोड़ की फिरौती मांगने का मास्टरमाइंड निकला। साथी के साथ मिलकर उसने राहगीरों से मोबाइल लूटे और फिर अलग-अलग नंबरों से व्यापारी को धमकी देकर 2 करोड़ की फिरौती मांगी थी।
व्यापारी को धमकाने के बाद आरोपी उन मोबाइल को फेंक देते थे, ताकि ट्रेस न हो सकें और पुलिस की पकड़ में नहीं आए। पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी मदद से जानकारी जुटाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला रामसिंहपुर और श्रीविजयनगर थाना इलाके का है।
बेटे की जान को खतरा बताकर करवाई थी FIR एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया- 28 जनवरी को श्रीविजयनगर थाना क्षेत्र के एक व्यापारी को फोन पर धमकी भरा कॉल आया। फोन करने वाले ने व्यापारी से 2 करोड़ रुपए फिरौती मांगी थी और नहीं देने पर बेटे को जान से मारने की धमकी दी।
एसपी ने बताया- व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने फोन लूटकर व्यापारी से 2 करोड़ मांगने वाले आर्मी के जवान गुरलाल सिंह उर्फ लाली (33) निवासी तरनतारन (पंजाब) और दिलप्रीत सिंह (18) निवासी 47 जीबी, रामसिंहपुर (श्रीगंगानगर) को गिरफ्तार किया है।
जम्मू-कश्मीर में तैनात है मास्टरमाइंड एसपी ने बताया- पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात का मास्टरमाइंड आरोपी गुरलाल सिंह एक फौजी है, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात है। वह चार-पांच दिन पहले छुट्टी लेकर दिलप्रीत सिंह के पास आया और 2 करोड़ की फिरौती की पूरी प्लानिंग रची।
आरोपियों ने 3 मोबाइल लूटकर व्यापारी को धमकी दी अमृता दुहन ने बताया- जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 28 जनवरी 2026 को रावला-खाजूवाला रोड पर ओमप्रकाश का मोबाइल लूटा और उसी से व्यापारी को धमकी दी। इसके बाद 30 जनवरी को सूरतगढ़-अनूपगढ़ रोड पर ढाबे से फोन लूटकर धमकी दी गई।
31 जनवरी को रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में करनैल सिंह का फोन लूटा। 1 फरवरी को चन्दूराम का फोन लूटकर फिर से व्यापारी को धमकी दी। फौजी ने लूटे फोन से ही कॉल करके फिरौती की मांग की। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने मोबाइल लूट की घटनाओं को गंभीरता से लिया और सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज के साथ ही मुखबिरों की सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
व्यापारी के यहां काम करता था एक आरोपी जांच में सामने आया कि आरोपी दिलप्रीत व्यापारी के यहां काम कर रहा था। गुरलाल की दिलप्रीत से जान-पहचान थी। गुरलाल को पैसों की जरूरत थी तो उसने दिलप्रीत के साथ मिलकर व्यापारी से फिरौती मांगने की प्लानिंग की।
गुरलाल सेना से छुट्टी लेकर पहले अपने गांव गया था। इसके बाद दिलप्रीत से मिलने के बहाने श्रीगंगानगर आया और मोबाइल लूटकर व्यापारी को धमकी भरे कॉल किए और फिरौती मांगी।
