
हनुमानगढ़। सोमवार को किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हनुमानगढ़ टाउन मण्डी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान मण्डी परिसर में एकत्रित हुए और गेहूं की खरीद शीघ्र शुरू करने सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
जैसे ही किसान मण्डी कार्यालय पहुंचे, जंक्शन मण्डी सचिव विष्णुदत्त शर्मा और टाउन मण्डी सचिव सी.एल. वर्मा मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द ही समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी कि गेहूं खरीद के नियमों में सुधार कर तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्थाओं के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मण्डी की व्यवस्थाओं में सुधार की भी मांग की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
किसानों ने अन्य राज्यों से हनुमानगढ़ में आ रहे गेहूं पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि बाहरी गेहूं आने से स्थानीय किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि कोई अन्य राज्य से गेहूं लाकर यहां न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाते हुए बॉर्डर को सील किया जाए।
इसके अलावा किसानों ने मण्डी में व्यापारियों का पड़ा हुआ माल तुरंत उठवाने की मांग की, जिससे नई फसल के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके। अवैध तरीके से बिक रहे गेहूं पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग रखी गई। किसानों ने सभी आढ़तियों के माल को समान रूप से तौलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात भी कही।
ज्ञापन में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। किसानों ने आरोप लगाया कि मजदूरों को ईपीएफ और ईएसआई का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि संबंधित राशि फर्जी खातों में डाली जा रही है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही किसानों ने एफसीआई ठेकेदारों के बजाय आढ़तियों के माध्यम से खरीद करवाने की बात कही।
किसानों ने यह भी मांग की कि गिरदावरी में किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।
अंत में अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

