
हनुमानगढ़। व्यापारियों, मजदूरों व किसानों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद प्रशासन के साथ सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया, जिसके पश्चात मंगलवार को जंक्शन धानमंडी में गेहूं खरीद कार्य विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया। खरीद शुरू होते ही मंडी में फिर से चहल-पहल लौट आई और किसानों के चेहरे पर राहत नजर आई।
खरीद कार्य के शुभारंभ अवसर पर विधायक प्रतिनिधि संतोष बंसल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ निवर्तमान सभापति सुमित रणवां, मंडी पर्यवेक्षक आशाराम, क्यूआई सतपाल सिंह, व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मपाल जिन्दल डिम्पल, व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन, फूडग्रेन व्यापार मंडल अध्यक्ष महावीर सहारण, खाद्य व्यापार संघ अध्यक्ष सुमित रणवां, फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल, व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल, मथुरादास बंसल, जोगेन्द्र गर्ग, देवेन्द्र बंसल डिम्पल, अनिल बंसल, गोपाल जिन्दल, विजय लखोटिया, सहित अनेक व्यापारी व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। सभी ने मिलकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गेहूं खरीद की शुरुआत की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आपसी संवाद और समझदारी से विवाद का समाधान संभव है। उन्होंने प्रशासन, व्यापारियों, मजदूरों और किसानों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। मंडी में खरीद शुरू होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।
कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों ने आंदोलन के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मजदूर नेताओं का सम्मान भी किया। मजदूर नेता रामेश्वर वर्मा, सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह, जिला सचिव शेर सिंह शाक्य, रघुवीर वर्मा, सुल्तान खान, गुरप्रेम सिंह, किसान नेता अवतार सिंह बराड़, विक्रम नैण, मजदूर नेता सतपाल दामड़ी, दर्शन जांड, पवन, को माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया गया। व्यापारियों ने कहा कि मजदूरों के सहयोग से ही यह आंदोलन सफल हो सका और समय रहते समाधान संभव हुआ।
खरीद की शुरुआत के साथ ही पहली ढेरी गांव मक्कासर निवासी किसान संदीप स्वामी की खरीदी गई। इस दौरान किसान को राज्य व केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 150 रुपये बोनस सहित कुल 2735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया गया। इससे किसानों में उत्साह देखा गया और अन्य किसान भी अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचने लगे।
मंडी में लंबे समय से ठप पड़ी गतिविधियां अब पुनः शुरू हो गई हैं, जिससे व्यापारियों और मजदूरों को भी काम मिलने लगा है। मंडी में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ गई है और वातावरण फिर से जीवंत हो गया है। सभी पक्षों ने मिलकर भविष्य में सहयोग और समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

