
हनुमानगढ़। सामाजिक समरसता न्याय मंच हनुमानगढ़ द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर जंक्शन स्थित अम्बेडकर चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया और जयघोष लगाए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि एवं नगरपरिषद के पूर्व सभापति संतोष बंसल ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में बाबा साहेब के संविधान और उनके सिद्धांतों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। समाज में समानता, शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से ही वास्तविक विकास संभव है।
सामाजिक समरसता न्याय मंच के अध्यक्ष रामप्रताप भाट उर्फ प्रकाशनाथ ने अपने भाषण में कहा कि बाबा साहेब ने समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि समरस समाज की स्थापना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि जाति-पाति से ऊपर उठकर समाज में भाईचारे और एकता को मजबूत करें तथा शिक्षा को प्राथमिकता दें।
मंच के सचिव दुर्गादत्त सैनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि हमें उनके विचारों को केवल जयंती तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे शिक्षा प्राप्त कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर मंच के विनोद कंडा,चरणजीत डाल, अशोक सुथार, सोहन वर्मा, सतीश खन्ना, सुरेन्द्र सैनी, प्रेमकुमार, राजेन्द्र नोखवाल, राजपाल ढुढाडा, बनवारी लाल सैनी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन बाबा साहेब के जयघोष और उनके आदर्शों को अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।

