
नोहर टिडियासर गांव के हुणताराम मेघवाल के साथ कथित धोखाधड़ी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब भावनात्मक और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज 80 वर्षीय मां सोना देवी आमरण अनशन पर बैठी हैं, जिनकी तबीयत लगातार बिगड़ने की खबर है।आंदोलन को समर्थन देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता कामरेड अरुण नायक भी भूखे-प्यासे आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। दोनों जने पिछले दो दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। भीम आर्मी के दिपक रेगर का आरोप है कि लंबे समय से न्याय की मांग किए जाने के बावजूद प्रशासन और पुलिस ने मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की है, जिससे परिवार और समाज में भारी रोष है। अनशन स्थल पर जुटे लोगों ने कहा कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। युवाओं और विद्यार्थियों ने भी चेतावनी दी है कि प्रशासन की उदासीनता जारी रही तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेंगे। आलोक बिबान का कहना है कि एक ओर 80 साल की वृद्ध मां अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए अनशन पर बैठी है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार तंत्र मौन बना हुआ है। आंदोलनकारियों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 26 में को डीवाईएसपी कर लेकर आगे महापडाव डाला जाएगा। इसके अलावा शनिवार को धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार को चिकित्सकों द्वारा अनशन पर बैठे दोनों की की गई जो स्वास्थ्य जांच में गिरावट दर्ज की गई।
