
इरा टाक की ‘पिकोलो फाइल्स’ ने मचाया धमाल
श्रीगंगानगर । (भटनेर एक्सप्रेस)युवा लेखिका इरा टाक की नई द्विभाषी किताब ‘पिकोलो फाइल्स’ रिलीज होते ही पाठकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रही है। किताब के रिलीज होने के महज चौबीस घंटे के अंदर ही अमेज़न पर बेस्टसेलर सूची में जगह बना ली है। यह सफलता एक कुत्ते की मासूम और शरारती आँखों से देखी गई पूरी इंसानी दुनिया की कहानी है।
किताब की सबसे खास बात यह है कि पूरी कहानी पिकोलो नाम के कुत्ते की जुबानी लिखी गई है। पिकोलो इंसानों की दुनिया को अपनी जिज्ञासु, मासूम और शरारती नजरों से देखता है। वह इंसानी रिश्तों, भावनाओं, घरेलू जीवन और समाज को जिस तरीके से समझता और बयान करता है, वह पाठकों को तुरंत आकर्षित कर लेता है। हल्की-फुल्की भाषा, हास्य और कोमल भावनाओं का सुंदर मिश्रण इस किताब को बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त बनाता है।
‘पिकोलो फाइल्स’ एक अनोखी द्विभाषी किताब है जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का संस्करण एक साथ दिया गया है। किताब के कवर और भीतरी पन्नों के जीवंत चित्रांकन जयपुर की प्रसिद्ध आर्टिस्ट अभिलाषा भारतीय ने किए हैं, जिन्होंने हर पन्ने को और भी आकर्षक बना दिया है। किताब में कुल 13 छोटे-छोटे आकर्षक अध्याय हैं जो सरल, मनोरंजक और दिल को छू लेने वाली शैली में लिखे गए हैं।
रिलीज के तुरंत बाद अमेज़न पर किताब का हिंदी संस्करण पैट और एनिमल केयर कैटेगरी में दसवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि अंग्रेजी संस्करण ग्यारहवें स्थान पर है। नई किताबों की बिक्री के आधार पर बनने वाली हॉट रिलीज सूची में यह किताब दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रही है।
लेखिका इरा टाक बीकानेर में जन्मीं और वर्तमान में जयपुर में रहती हैं। वे एक बहुमुखी प्रतिभा हैं। उनके 3 कविता संग्रह, 2 कहानी संग्रह और ‘लव ड्रग’, ‘गुस्ताख इश्क़’ जैसे पांच उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘लाइफ सूत्र’ और ‘RxLove366’ जैसी सेल्फ-हेल्प किताबें भी लिखी हैं। स्टोरीटेल पर कई ऑडियो उपन्यास जारी कर चुकी हैं। फिल्ममेकर के रूप में पांच शॉर्ट फिल्में बना चुकी हैं और चित्रकार के रूप में दस एकल प्रदर्शनियां कर चुकी हैं। फिलहाल वे बॉलीवुड में पटकथा लेखन कर रही हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और साहित्य आजतक जैसे प्रमुख मंचों पर वे नियमित रूप से आमंत्रित की जाती रही हैं।‘पिकोलो फाइल्स’ प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है।यह किताब अमेज़न, फ्लिपकार्ट समेत सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और चुनिंदा बुकस्टोर्स पर पेपरबैक और ई-बुक दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है।
श्रीगंगानगर ।युवा लेखिका इरा टाक की नई द्विभाषी किताब ‘पिकोलो फाइल्स’ रिलीज होते ही पाठकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रही है। किताब के रिलीज होने के महज चौबीस घंटे के अंदर ही अमेज़न पर बेस्टसेलर सूची में जगह बना ली है। यह सफलता एक कुत्ते की मासूम और शरारती आँखों से देखी गई पूरी इंसानी दुनिया की कहानी है।
किताब की सबसे खास बात यह है कि पूरी कहानी पिकोलो नाम के कुत्ते की जुबानी लिखी गई है। पिकोलो इंसानों की दुनिया को अपनी जिज्ञासु, मासूम और शरारती नजरों से देखता है। वह इंसानी रिश्तों, भावनाओं, घरेलू जीवन और समाज को जिस तरीके से समझता और बयान करता है, वह पाठकों को तुरंत आकर्षित कर लेता है। हल्की-फुल्की भाषा, हास्य और कोमल भावनाओं का सुंदर मिश्रण इस किताब को बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त बनाता है।
‘पिकोलो फाइल्स’ एक अनोखी द्विभाषी किताब है जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का संस्करण एक साथ दिया गया है। किताब के कवर और भीतरी पन्नों के जीवंत चित्रांकन जयपुर की प्रसिद्ध आर्टिस्ट अभिलाषा भारतीय ने किए हैं, जिन्होंने हर पन्ने को और भी आकर्षक बना दिया है। किताब में कुल 13 छोटे-छोटे आकर्षक अध्याय हैं जो सरल, मनोरंजक और दिल को छू लेने वाली शैली में लिखे गए हैं।
रिलीज के तुरंत बाद अमेज़न पर किताब का हिंदी संस्करण पैट और एनिमल केयर कैटेगरी में दसवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि अंग्रेजी संस्करण ग्यारहवें स्थान पर है। नई किताबों की बिक्री के आधार पर बनने वाली हॉट रिलीज सूची में यह किताब दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रही है।
लेखिका इरा टाक बीकानेर में जन्मीं और वर्तमान में जयपुर में रहती हैं। वे एक बहुमुखी प्रतिभा हैं। उनके 3 कविता संग्रह, 2 कहानी संग्रह और ‘लव ड्रग’, ‘गुस्ताख इश्क़’ जैसे पांच उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘लाइफ सूत्र’ और ‘RxLove366’ जैसी सेल्फ-हेल्प किताबें भी लिखी हैं। स्टोरीटेल पर कई ऑडियो उपन्यास जारी कर चुकी हैं। फिल्ममेकर के रूप में पांच शॉर्ट फिल्में बना चुकी हैं और चित्रकार के रूप में दस एकल प्रदर्शनियां कर चुकी हैं। फिलहाल वे बॉलीवुड में पटकथा लेखन कर रही हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और साहित्य आजतक जैसे प्रमुख मंचों पर वे नियमित रूप से आमंत्रित की जाती रही हैं।‘पिकोलो फाइल्स’ प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है।यह किताब अमेज़न, फ्लिपकार्ट समेत सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और चुनिंदा बुकस्टोर्स पर पेपरबैक और ई-बुक दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है।युवा लेखिका इरा टाक की नई द्विभाषी किताब ‘पिकोलो फाइल्स’ रिलीज होते ही पाठकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर रही है। किताब के रिलीज होने के महज चौबीस घंटे के अंदर ही अमेज़न पर बेस्टसेलर सूची में जगह बना ली है। यह सफलता एक कुत्ते की मासूम और शरारती आँखों से देखी गई पूरी इंसानी दुनिया की कहानी है।
किताब की सबसे खास बात यह है कि पूरी कहानी पिकोलो नाम के कुत्ते की जुबानी लिखी गई है। पिकोलो इंसानों की दुनिया को अपनी जिज्ञासु, मासूम और शरारती नजरों से देखता है। वह इंसानी रिश्तों, भावनाओं, घरेलू जीवन और समाज को जिस तरीके से समझता और बयान करता है, वह पाठकों को तुरंत आकर्षित कर लेता है। हल्की-फुल्की भाषा, हास्य और कोमल भावनाओं का सुंदर मिश्रण इस किताब को बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त बनाता है।
‘पिकोलो फाइल्स’ एक अनोखी द्विभाषी किताब है जिसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का संस्करण एक साथ दिया गया है। किताब के कवर और भीतरी पन्नों के जीवंत चित्रांकन जयपुर की प्रसिद्ध आर्टिस्ट अभिलाषा भारतीय ने किए हैं, जिन्होंने हर पन्ने को और भी आकर्षक बना दिया है। किताब में कुल 13 छोटे-छोटे आकर्षक अध्याय हैं जो सरल, मनोरंजक और दिल को छू लेने वाली शैली में लिखे गए हैं।
रिलीज के तुरंत बाद अमेज़न पर किताब का हिंदी संस्करण पैट और एनिमल केयर कैटेगरी में दसवें स्थान पर पहुंच गया है जबकि अंग्रेजी संस्करण ग्यारहवें स्थान पर है। नई किताबों की बिक्री के आधार पर बनने वाली हॉट रिलीज सूची में यह किताब दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रही है।
लेखिका इरा टाक बीकानेर में जन्मीं और वर्तमान में जयपुर में रहती हैं। वे एक बहुमुखी प्रतिभा हैं। उनके 3 कविता संग्रह, 2 कहानी संग्रह और ‘लव ड्रग’, ‘गुस्ताख इश्क़’ जैसे पांच उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘लाइफ सूत्र’ और ‘RxLove366’ जैसी सेल्फ-हेल्प किताबें भी लिखी हैं। स्टोरीटेल पर कई ऑडियो उपन्यास जारी कर चुकी हैं। फिल्ममेकर के रूप में पांच शॉर्ट फिल्में बना चुकी हैं और चित्रकार के रूप में दस एकल प्रदर्शनियां कर चुकी हैं। फिलहाल वे बॉलीवुड में पटकथा लेखन कर रही हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और साहित्य आजतक जैसे प्रमुख मंचों पर वे नियमित रूप से आमंत्रित की जाती रही हैं।‘पिकोलो फाइल्स’ प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है।यह किताब अमेज़न, फ्लिपकार्ट समेत सभी प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और चुनिंदा बुकस्टोर्स पर पेपरबैक और ई-बुक दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है।
