
संदिग्ध घटनाक्रम के मध्य नजर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
जांच के लिए एफएसएल और एमओबी की टीम में बुलाई
श्रीगंगानगर(भटनेर एक्सप्रेस) जिले में सीमावर्ती केसरीसिंहपुर नगर पालिका के चार दिन से लापता एक रिटायर्ड कर्मचारी की लाश आज बड़े तड़के एक खेत में पाई गई। उसकी गर्दन, धड़ से अलग थी। उसके शरीर को कुत्ते नोच रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा तो लाश की हालत बहुत ही भयानक थी। मामला संदिग्ध होने के कारण श्रीकरणपुर से डीएसपी पुष्पेंद्रसिंह भी मौके पर पहुंच गए जबकि केसरीसिंहपुर थाना प्रभारी बलवंतराम और सब इंस्पेक्टर सुखजीतसिंह भी मामले की तह तक जाने में जुटे हुए हैं। पुलिस के अनुसार लगभग 72 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी सोहनलाल मेघवाल निवासी वार्ड नंबर 15 केसरीसिंहपुर विगत 30 मई की रात लगभग 11 बजे बिना बताए घर से कहीं चला गया था। परिवार वाले उसे तलाश करते रहे लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो उसके पुत्र ने थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई। परिवार के साथ पुलिस भी उसकी तलाश में लग गई। केसरीसिंहपुर के नजदीक ही चक 3-टी को जाने वाले मार्ग पर चक 19-एफ के पास एक खेत में आज बड़े तड़के लगभग 4 बजे काम कर रहे कुछ किसानों ने कुत्तों को एक मानव शरीर को नोचते हुए देखा तो थाने में सूचना दी। मौके पर रात्रि कालीन प्रभारी सहायक उप निरीक्षक झाबरमल तुरंत ही पहुंच गए।पुलिस के अनुसार कुछ ही देर में पहचान हो गई कि यह लाश सोहनलाल मेघवाल की है। उसकी गर्दन, धड से अलग होकर कुछ दूरी पर पड़ी थी। देखने में लाश दो-तीन दिन पुरानी थी,जिसे कुत्तों ने बुरी तरह से नोच खाया था। सोहनलाल की इस हालत में लाश मिलने का पता चलने पर थाना प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर बलवंतराम अपने साथ सब इंस्पेक्टर सुखजीतसिंह को लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हालात से अवगत करवाया, जिस पर प्रथम दृश्य मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। बाद में मौके पर डीएसपी पुष्पेंद्रसिंह भी आ गए। डीएसपी ने बताया कि जब सोहनलाल की उसके परिवार वाले तथा अन्य लोग तलाश कर रहे थे तब वे इस खेत की तरफ भी आए थे। उन्होंने दूर से ही देखा था, तब उन्हें लगा कि कुत्ते किसी मवेशी के शव को नोच रहे हैं। उन्होंने पास आकर नहीं देखा। आज सुबह जब इसी जगह लाश मिली तो उसकी गर्दन, धड़ से अलग होने के कारण मामला कुछ संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसलिए मौके पर गहन जांच के लिए एफएसएल तथा एमओबी की टीमों को भी बुला लिया गया। इन टीमों द्वारा कार्यवाही मुकम्मल करने के बाद जब लाश को केसरीसिंहपुर के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में लाया गया तो पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से करवाने का निर्णय लिया गया। पोस्टमार्टम होने के बाद लाश परिवार वालों के सुपुर्द कर दी गई। पुलिस ने बताया कि सोहनलाल की मानसिक हालत पिछले काफी समय से ठीक नहीं थी। वह अवसादग्रस्त रहने लगा था। उसका इलाज भी चल रहा था। उधर, नगर पालिका केसरीसिंहपुर के पूर्व उपसभापति सोमनाथ ने बताया कि सोहनलाल नगरपालिका के चुंगी नाके पर ड्यूटी हुआ करती थी। सरकार ने जब चुंगी नाके खत्म कर दिए तो उसकी ड्यूटी पालिका ऑफिस में लगा दी गई थी। वे अपना राजकीय सेवाकाल पूरा कर लगभग 12 वर्ष पहले हुए सेवानिवृत हो गए थे। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है कि सोहनलाल की मौत में कुछ गड़बड़ तो नहीं है।
