
एसएफआई के बैनर तले जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, एमजीएसयू के परीक्षा परिणामों पर भी उठाए सवाल
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर गुरुवार को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेतृत्व में युवाओं और विद्यार्थियों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान वाहन चालक भर्ती परीक्षा 2024 का ट्रेड टेस्ट शीघ्र आयोजित कराने तथा महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू), बीकानेर के परीक्षा परिणामों की जांच करवाने की मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपे गए। वाहन चालक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने मोटर गैराज विभाग जयपुर के सचिव के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन भेजकर भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि वाहन चालक भर्ती 2024 का नोटिफिकेशन 11 दिसंबर 2024 को जारी हुआ था। इसके बाद लिखित परीक्षा 23 नवंबर 2025 को आयोजित की गई तथा परिणाम 17 जनवरी 2026 को घोषित कर दिया गया। परिणाम जारी हुए करीब छह माह बीत जाने के बावजूद भर्ती का अगला चरण ट्रेड टेस्ट अब तक आयोजित नहीं किया गया है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेन्द्र शर्मा ने कहा कि वाहन चालक भर्ती 2024 के अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से ट्रेड टेस्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सरकार और विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा का परिणाम जनवरी 2026 में जारी हो चुका है, इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा, जिससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। शर्मा ने कहा कि युवा वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और जब चयन प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबित रखी जाती है तो उनमें निराशा बढ़ती है। उन्होंने सरकार से जल्द ट्रेड टेस्ट की तिथि घोषित कर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि अभ्यर्थियों की मांगों को अनसुना किया गया तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। छात्र नेता मोहित इन्सा ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों की कई व्यवस्थाओं का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय द्वारा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बैक लगाकर अनुत्तीर्ण घोषित किया जा रहा है, जिससे छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। इन्सा ने कहा कि री-चेकिंग और पुनर्मूल्यांकन के नाम पर विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के उस संशोधित नियम को भी छात्र विरोधी बताया, जिसमें बैक आने पर विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और विद्यार्थियों के हित में इस नियम को तत्काल वापस लिया जाए। मोहित इन्सा ने कहा कि एसएफआई छात्रों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी और जरूरत पड़ने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने के कारण हजारों युवा मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द ट्रेड टेस्ट आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने तथा युवाओं को राहत देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी दौरान एसएफआई तहसील कमेटी हनुमानगढ़ ने उच्च शिक्षा विभाग जयपुर के आयुक्त के नाम भी एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नई शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं का उल्लेख किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर द्वारा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में बैक लगाकर अनुत्तीर्ण घोषित किया जा रहा है। इसके बाद विद्यार्थियों को पुनर्मूल्यांकन और री-चेकिंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है।एस एफआई ने विश्वविद्यालय द्वारा किए गए उस संशोधन का भी विरोध किया, जिसके तहत पांचवें सेमेस्टर तक किसी विषय में बैक होने पर विद्यार्थी को अगले सेमेस्टर की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती। संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण तीन वर्ष में पूरी होने वाली डिग्री को पूरा करने में कई विद्यार्थियों को पांच वर्ष तक का समय लग रहा है। एसएफआई पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जांच करवाने और संशोधित नियम को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो छात्र संगठन प्रदेशभर में आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित विभागों की होगी। इस मौके पर एसएफआई जिला महासचिव राजीव ख़ान , तहसील अध्यक्ष मदीना , तहसील महासचिव मोहित इंसा , आनंद शीला , मनीष थोरी,पायल, मीनाक्षी चौधरी, पवन शर्मा पवन विश्नोई ,भीमा ,कशिश अरोड़ा ,पूजा , रीना, रेणु, लाजवंती, दीक्षा वर्मा , युवराज ,सुमित नोखवाल, पंकज, सेवन भाटीवाल, प्रमोद, पवन भाटी, विकास ,जावेद व अन्य मौजूद थे।
